जींद के नरवाना में सावन की पहली बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं नगर परिषद के दावों की भी पोल खोलकर रख दी। कुछ ही देर की बारिश में शहर की कई सड़कें पानी में डूब गईं। हालात ऐसे बने कि लोगों को बच्चों को कंधों पर बैठाकर पानी से भरी सड़कों को पार करना पड़ा। यह तस्वीर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।बता दें कि सावन की पहली बारिश ने नरवाना को पूरी तरह तरबतर कर दिया। तेज बारिश के बाद शहर की मुख्य सड़कें और बाजार पानी में डूब गए। कई जगह घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति स्कूली बच्चों को कंधों पर बैठाकर जलभराव वाली सड़क पार करा रहा है। यह दृश्य सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की हकीकत भी बयां कर रहा है। बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दीं। दुकानदारों और राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही हालात बन जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया।


























