चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, बीजिंग में बुधवार सुबह करीब 11 बजे बीमारी के कारण उनका निधन हुआ। झू रोंगजी को चीन के सबसे प्रभावशाली आर्थिक सुधारवादियों में गिना जाता है। उन्होंने 1998 से 2003 तक प्रधानमंत्री के रूप में काम किया और सरकारी उद्योगों में बड़े बदलाव लागू करने के साथ चीन को विश्व व्यापार संगठन यानी WTO की सदस्यता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। झू रोंगजी का निधन बीजिंग में हुआ। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। बुधवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।उनके निधन की खबर सामने आते ही चीन के राजनीतिक और आर्थिक इतिहास में उनके योगदान को याद किया जाने लगा। झू को ऐसे नेता के तौर पर देखा जाता है, जिन्होंने चीन की अर्थव्यवस्था को तेजी से बदलने वाले दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1998 से 2003 तक रहे चीन के प्रधानमंत्री
झू रोंगजी ने 1998 से 2003 तक चीन के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। यह चीन की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलावों का दौर था। उन्होंने सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों में व्यापक सुधारों पर जोर दिया। उनका लक्ष्य इन कंपनियों को ज्यादा कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाना था। हालांकि, इन सुधारों की भारी सामाजिक कीमत भी चुकानी पड़ी और बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गईं। झू रोंगजी को चीन की सरकारी कंपनियों में बड़े बदलाव लागू करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने ऐसी सरकारी कंपनियों को अधिक कुशल बनाने की कोशिश की, जो लंबे समय से आर्थिक दबाव और अक्षमता से जूझ रही थीं। इन सुधारों को लेकर उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ रूढ़िवादी नेताओं और सरकारी कंपनियों के प्रभावशाली अधिकारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने आर्थिक बदलावों को आगे बढ़ाया।



















