Lucknow : अयोध्या में निषाद समाज के कार्यक्रम के बाद कथित मछली भोज को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए अजय राय ने कहा कि यदि उनकी मछली खाते हुए तस्वीर है तो उसे जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि आरोप साबित हो जाने पर वह तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
दरअसल, रविवार को अयोध्या में निषाद समाज की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान बारिश भी हुई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सभा में मौजूद रहे। बारिश से बचने के लिए कई लोग सिर पर कुर्सियां रखकर भीगते हुए कार्यक्रम में डटे रहे।
कार्यक्रम के बाद वहां मछली पकाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे तभी देश की स्वतंत्रता और विरासत सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर विरासत के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और इसके बाद मछली भोज की दावत उड़ाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं के राम-राम कहने पर भी सवाल उठाते हुए इसे लेकर तीखी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को प्रमाणित किया जाए। अजय राय ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी मछली खाते हुए तस्वीर सामने आती है तो वह तुरंत इस्तीफा दे देंगे।




















