25 साल बाद खुला खुफिया राज! CIA को पहले ही थी लादेन की साजिश की भनक लादेन, फिर भी नहीं रुक सका 9/11 हमला

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25 साल बाद खुला खुफिया राज! CIA को पहले ही थी लादेन की साजिश की भनक लादेन, फिर भी नहीं रुक सका 9/11 हमला

New York: अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर सीआईए ने राष्ट्रपति के लिए तैयार की गई दर्जनों गोपनीय खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक की हैं। इन दस्तावेजों से सामने आता है कि 9/11 हमलों से कई साल पहले ही अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को ओसामा बिन लादेन और उसके आतंकी संगठन अलकायदा की अमेरिका को निशाना बनाने की योजनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं थीं। इन रिपोर्टों में लादेन की गतिविधियों, उसके नेटवर्क, धन जुटाने के तरीकों और अमेरिका के खिलाफ संभावित हमलों की जानकारी दर्ज है। दस्तावेजों में विमान अपहरण, अमेरिकी धरती पर हमला, रासायनिक और जैविक हथियारों के इस्तेमाल तथा रेडियोधर्मी सामग्री से हमला करने की कोशिशों तक का उल्लेख मिलता है।

सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने दस्तावेजों को सार्वजनिक करने को ‘असाधारण पारदर्शिता’ का कदम बताया। उनके मुताबिक, ये राष्ट्रपति के लिए तैयार की जाने वाली खुफिया रिपोर्ट का अब तक सार्वजनिक किया गया एजेंसी का सबसे बड़ा संग्रह है। फरवरी 1998 की एक खुफिया रिपोर्ट तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए तैयार की गई थी। इसमें बिन लादेन और अन्य इस्लामी चरमपंथियों की सामूहिक विनाश के हथियार हासिल करने की कोशिशों का उल्लेख था। जुलाई 1998 की एक रिपोर्ट में अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि लादेन अमेरिका में हमले को प्राथमिकता दे सकता है। इसके कुछ समय बाद तैयार एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि उसका पसंदीदा विकल्प अमेरिकी धरती पर, खासकर वाशिंगटन में हमला करना हो सकता है।

रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई थी कि अलकायदा विस्फोटकों से भरे विमान को अमेरिका के किसी शहर में गिराने की कोशिश कर सकता है। दिसंबर 1998 की एक रिपोर्ट में संभावित विमान अपहरण की योजना का जिक्र किया गया था। इसमें बताया गया कि लादेन के नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों ने विमान अपहरण का प्रशिक्षण लिया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि साजिशकर्ताओं ने न्यूयॉर्क के एक अज्ञात हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच से बच निकलने की कोशिश की थी और वे इसमें सफल रहे थे। यानी 11 सितंबर 2001 के हमलों से करीब तीन साल पहले ही अमेरिकी खुफिया तंत्र के पास विमान अपहरण को लेकर चेतावनी मौजूद थी।

दस्तावेजों में लादेन के कथित तौर पर ‘डर्टी बम’ बनाने के लिए सामग्री हासिल करने के प्रयासों का भी उल्लेख है। डर्टी बम ऐसा पारंपरिक विस्फोटक होता है जिसमें रेडियोधर्मी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, जून 1999 तक लादेन के गुर्गे विस्फोटकों के साथ ऐसे प्रयोग कर रहे थे जिनका उद्देश्य उनकी विनाशकारी क्षमता बढ़ाना था। 2001 की शुरुआत में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के लिए तैयार रिपोर्ट में लादेन के जैविक एजेंट तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने के लिए किए जा रहे प्रयोगों पर भी चिंता जताई गई थी।

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