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अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज अदा करवाने का पाप किया था।मुख्यमंत्री, अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री दिवंगत मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। योगी ने कहा, “आज अयोध्या में जो लोग आस्था की बात कह रहे हैं, उन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज अदा करवाने का पाप किया था।एक अधिकारी के अनुसार, योगी आदित्यनाथ नवंबर 2003 की एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जब हनुमानगढ़ी के बाहर नमाज पढ़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी।
पूर्व डीजीपी बृजलाल ने किया दावा
नमाज की घटना के बारे में पूछे जाने पर पूर्व पुलिस महानिदेशक और भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने शुक्रवार को मीडिया से कहा, “यह सच है। यह घटना नवंबर 2003 की है, जब रमजान का महीना था।” बृजलाल ने कहा, “उस समय मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार जा चुकी थी।” उन्होंने संकेत दिया कि यह पूरी योजना तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान बनाई गई थी।बृजलाल ने बताया, “नमाज के बाद रोजा इफ्तार करने की योजना थी लेकिन यह सफल नहीं हो सकी क्योंकि फैजाबाद (अब अयोध्या) के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव सभरवाल ने साफ कह दिया कि वह इसकी इजाजत नहीं देंगे।” उन्होंने बताया कि विरोध के बाद, आखिरकार हनुमानगढ़ी के महंत के घर पर नमाज अदा की गई, जो मंदिर के पास ही है।
अयोध्या के विकास कार्यों का किया उल्लेख-मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली नगरी के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर बन चुका है और देश के प्रमुख शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
विपक्ष पर साधा निशाना-योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने अपने आरोप दोहराते हुए कहा, “उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया और हमने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन धर्म की राजधानी के रूप में पुनः स्थापित करने का कार्य किया है।” अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कराए गए विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
राम मंदिर दान मामले का भी किया जिक्र-हाल के दिनों में राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों को लेकर विपक्ष ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। सात जून को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था।
मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग हवाईअड्डे के नाम पर गुमराह करते थे, लेकिन अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या सभी शहरों के साथ जुड़ गई है और सपा व कांग्रेस वाले कुछ नहीं कर पाए, इसलिए अयोध्या का विरोध कर रहे हैं।























