दिल्ली की जेलों में कैदी की मौत पर परिजनों को मिलेंगे 7.5 लाख रुपए— CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला

0
3

News Delhi: राजधानी दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों की अभिरक्षा के दौरान होने वाली अप्राकृतिक मौतों को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐसे मामलों में मृतक कैदियों के परिजनों को आर्थिक मदद देने के लिए नई मुआवजा योजना अधिसूचित कर दी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइंस के तहत तैयार इस नीति में घटना की गंभीरता के हिसाब से 5 लाख से लेकर 7.5 लाख रुपए तक के मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

इस नई नीति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कस्टडी के दौरान किसी भी व्यक्ति की अप्राकृतिक मौत बेहद चिंताजनक और गंभीर मामला है। सरकार का मकसद जेलों के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है, ताकि हर मामले में निष्पक्ष न्याय हो सके।

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुआवजे की राशि को 2 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:-
– 7.5 लाख रुपए का मुआवजा: अगर किसी कैदी की मौत जेल के अंदर कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़प में होती है, या फिर जेल कर्मचारियों की मारपीट व यातना के कारण जान जाती है, तो उसके परिवार (निकटतम परिजन या कानूनी उत्तराधिकारी) को 7.5 लाख रुपए दिए जाएंगे।

– 5 लाख रुपए का मुआवजा: यदि मौत जेल प्रशासन, डॉक्टरों या पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही से होती है, या फिर कैदी जेल के भीतर खुदकुशी कर लेता है, तो परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता मिलेगी।

बताया जा रहा है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक बीमारी, उम्र संबंधी कारणों, जेल से भागने की कोशिश के दौरान हुई दुर्घटना या किसी प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली मौतों पर यह योजना लागू नहीं होगी। वहीं मुआवजे की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी रिपोर्ट महानिदेशक को सौंपी जाएगी, जिसमें मजिस्ट्रेट जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल हिस्ट्री शामिल होगी। महानिदेशक की अगुवाई वाली कमेटी की सिफारिश पर प्रशासनिक सचिव अंतिम मुहर लगाएंगे। राशि जारी होने के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट एनएचआरसी के साथ भी साझा की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here