नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि ‘4एस’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए इसे हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘4एस’ के मूल मंत्र का मतलब ‘सेफ्टी, सस्टैनबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर’ (सुरक्षा, टिकाऊ विकास, निर्बाध संपर्क व्यवस्था और आधुनिक अवसंरचना) है।
गुप्ता ने यह टिप्पणी दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घटान करने और 50 नयी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद की। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इसी के साथ गुप्ता ने हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया और दिल्ली व रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डीटीसी की कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। इसमें कहा गया है कि डीटीसी के बेड़े में 12-मीटर की 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा लगभग 6,840 बसों का हो गया है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें और 1,752 सीएनजी बसें शामिल हैं।
गुप्ता ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए नयी इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन सहित कई सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में बस नेटवर्क का विस्तार कर शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के पुराने और जर्जर बस शेल्टरों को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा ताकि बसें आधुनिक हों और बस स्टैंड भी दिल्ली के बदलते स्वरूप के अनुरूप सुंदर और सुविधाजनक दिखाई दें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख महिलाओं ने पिंक कार्ड बनवा लिए हैं और ये कार्ड बनवाने के लिए 17 सितंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया है जिसके बाद पिंक टिकट की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।
बयान के मुताबिक, डीटीसी के तेहखंड डिपो में दिल्ली के दूसरे स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) की शुरुआत की गई है। इससे पहले नंद नगरी डिपो में एटीएस शुरू किया जा चुका है। इसमें कहा गया है कि तेहखंड का यह 4-लेन का स्वचालित परीक्षण केंद्र वाहनों की फिटनेस जांच को ज्यादा वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाएगा। बयान में कहा गया है कि इसकी वार्षिक परीक्षण क्षमता 72,000 वाहन होगी, जिसमें 52,000 भारी/हल्के वाहन और 20,000 दोपहिया वाहन शामिल हैं। पूरी परीक्षण प्रक्रिया स्वचालित होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और वाहन फिटनेस आकलन में सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी।




















