प्रयागराज के डेढ़ दर्जन कॉलेजों में तीन वर्षों से नहीं हुए दाखिले, परंपरागत पाठ्यक्रम बंद करने की मांग

0
145

प्रयागराज के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय से सम्बद्ध लगभग डेढ़ दर्जन कॉलेजों में परंपरागत स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रमों में पिछले तीन सालों से एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया है। इस स्थिति को देखते हुए संबंधित कॉलेजों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इन पाठ्यक्रमों को बंद करने का आग्रह किया है।

इन कॉलेजों में बीए और एमए जैसे प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित हो रहे थे, लेकिन लगातार शून्य नामांकन और शिक्षण गतिविधियों के ठप पड़ने के कारण शिक्षा की गुणवत्ता और उद्देश्य प्रभावित हो रहा था। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार ने बताया कि कई कॉलेज प्रबंधनों ने लिखित रूप से सूचित किया है कि विद्यार्थियों का इन पारंपरिक पाठ्यक्रमों में रुझान समाप्त हो चुका है, इसलिए उन्होंने इन पाठ्यक्रमों की मान्यता समाप्त करने का अनुरोध किया है।

राज्य विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है और शून्य नामांकन वाले पाठ्यक्रमों की मान्यता वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।