Shahar Samta News
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर फर्जी पहचान के जरिए भारत में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले लोगों का बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों ने पिछले 6 महीनों में 36 से अधिक ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारतीय नागरिक बताकर यात्रा कर रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, औसतन हर 5वें दिन एक फर्जी ‘भारतीय’ एयरपोर्ट पर पकड़ा जा रहा है। जांच में सामने आया है कि ये लोग नकली पासपोर्ट, फर्जी वोटर आईडी और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
फर्जी दस्तावेजों का बड़ा नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है, जो लोगों को नकली दस्तावेज मुहैया कराता है। कई मामलों में पासपोर्ट पूरी तरह फर्जी पाए गए, जबकि कुछ में असली दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उन्हें इस्तेमाल किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इमिग्रेशन ब्यूरो और सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर निगरानी और जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। संदिग्ध यात्रियों की पहचान के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी और प्रोफाइलिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
पूछताछ में हो रहे बड़े खुलासे
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। कुछ आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्हें मोटी रकम लेकर भारत में प्रवेश दिलाने का वादा किया गया था। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस पर कड़ी कार्रवाई और निगरानी बेहद जरूरी है।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।























