UP में आधी रात बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 182 PCS अफसरों के तबादले, कई जिलों के SDM बदले

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shahar samta news

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक मोर्चे पर रविवार की देर रात एक बहुत बड़ी हलचल देखने को मिली। योगी सरकार ने एक झटके में 182 पीसीएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर पूरे महकमे को हिला दिया है। इस बड़े फेरबदल की जद में कई जिलों के एसडीएम आए हैं, जिन्हें इधर से उधर किया गया है। शासन स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कदम का सीधा मकसद जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यशैली को चुस्त-दुरुस्त करना और सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाना है।

सुरभि शर्मा बागपत की नई SDM, लवलीत कौर को ग्रेटर नोएडा में बड़ी जिम्मेदारी
इस पूरी ट्रांसफर लिस्ट में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हैं। कानपुर देहात में तैनात पीसीएस अधिकारी सुरभि शर्मा का ट्रांसफर अब बागपत कर दिया गया है, जहां वे बतौर एसडीएम कमान संभालेंगी। वहीं हाथरस में तैनात लवलीत कौर को फील्ड से हटाकर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है; उन्हें अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, गाजीपुर से पुष्पेंद्र पटेल को अंबेडकर नगर और उन्नाव से शुभम यादव को बुलंदशहर का एसडीएम बनाकर भेजा गया है। वाराणसी में तैनात प्रतिभा मिश्रा अब कानपुर देहात की नई उपजिलाधिकारी होंगी। वहीं, गोपाल शर्मा को मैनपुरी से बरेली और मिथलेश कुमार तिवारी को रायबरेली से हटाकर मैनपुरी का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।

इन अधिकारियों की कुर्सियां भी हिलीं, शामली से लेकर झांसी तक नए अफसर
तबादलों की इस लंबी फेहरिस्त में अमरोहा के एसडीएम पुष्परनाथ चौधरी को अब उन्नाव भेजा गया है। अलीगढ़ में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात 2020 बैच के वीर सिंह को अब रायबरेली में एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई है।

बाकी बड़े बदलावों की बात करें तो:-
– अवधेश कुमार निगम: देवरिया से फिरोजाबाद भेजे गए।
– दीपिका मेहरा व सचिन राजपूत: मथुरा और आगरा से हटाकर शामली के नए एसडीएम बनाए गए।
– राम जनम यादव: बरेली से हरदोई ट्रांसफर।
– देवेंद्र प्रताप सिंह: यूपीडा (UPEIDA) से हटाकर झांसी में तैनाती।
– प्रज्ञा पाण्डेय: उन्नाव से बाराबंकी भेजी गईं।
– अजेंद्र सिंह: कौशांबी से उन्नाव भेजे गए।
– नरेंद्र कुमार गंगवार: आजमगढ़ से आगरा ट्रांसफर।

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
लखनऊ के गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि सरकार जिलों में कानून-व्यवस्था और सरकारी कामकाज की सुस्त रफ्तार से खुश नहीं थी। यही वजह है कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और काम में तेजी लाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। वैसे यूपी सरकार के लिए यह कोई नई बात नहीं है। ब्यूरोक्रेसी को एक्टिव रखने के लिए ऐसे सामूहिक तबादले पहले भी होते रहे हैं। पिछले साल भी जून के महीने में एक साथ 127 पीसीएस अफसरों की कुर्सियां बदली गई थीं और इस बार यह आंकड़ा 180 के पार पहुंच गया है।

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