प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है और कई नदियां उफान पर है। अभी बाढ़ जैसे कोई भी हालात नहीं है लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलटर् है। रिपोटर् के अनुसार पिछले 24 घंटे में यमुना के नैनी और गंगा के छतनाग में जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। नैनी में 32 सेंटीमीटर, छतनाग में 30 सेंटीमीटर जबकि फाफामऊ में दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि तीनों स्थानों पर नदियां अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं और सभी तटबंध सुरक्षित हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 75.56 मीटर था जो रविवार सुबह बढ़कर 75.88 मीटर पहुंच गया। औसतन देखें तो नैनी में जलस्तर करीब 1.33 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा।
खतरे का निशान 84.734 मीटर है, जबकि सुबह नैनी में यमुना 75.88 मीटर, फाफामऊ में गंगा 78.85 मीटर और छतनाग में गंगा 75.53 मीटर पर दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में भी तीनों गेज स्टेशनों पर बारिश दर्ज की गई है। आज सुबह की रिपोटर् के अनुसार नैनी क्षेत्र में 52.6 मिमी, फाफामऊ में 20.8 मिमी और छतनाग में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। नैनी में 19 मिमी, फाफामऊ में 38.8 मिमी और छतनाग में 34.6 मिमी बारिश हुई थी।
बारिश के बीच यमुना के नैनी और गंगा के छतनाग में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार बनी हुई है। गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। खतरे का निशान 84.734 मीटर है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक सभी तटबंध सुरक्षित हैं और प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।




















