हरियाणा : बस अड्डों के गंदे शौचालयों पर अनिल विज का ‘ऑपरेशन क्लीन अब ताले मिले तो अफसरों की जवाबदेही तय

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चंडीगढ़ : हरियाणा के बस अड्डों पर यात्रियों को गंदे और बंद शौचालयों से निजात दिलाने के लिए परिवहन मंत्री अनिल विज ने अब सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेश के शहरों और कस्बों के बस अड्डों पर सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर विज ने विभाग के प्रमुख सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताले और गंदगी पर मंत्री ने जताई नाराजगी-विज के संज्ञान में लगातार यह शिकायतें पहुंच रही हैं कि कई बस अड्डों पर शौचालयों में गंदगी का अंबार है, जबकि कुछ स्थानों पर शौचालयों पर ताले लटके रहते हैं। खुले और जर्जर शौचालयों से उठने वाली दुर्गंध के कारण यात्रियों को भारी परेशानी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को उठानी पड़ती है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें प्रदेश के विभिन्न शहरों और कस्बों से लगातार फीडबैक मिल रहा है। ऐसे में केवल बैठकों और कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। व्यवस्था का असर बस अड्डों पर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

निजी एजेंसी को जिम्मेदारी, मगर जवाबदेही भी तय होगी
विज ने स्पष्ट किया कि यदि विभागीय व्यवस्था के तहत शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो सफाई व्यवस्था को निजी एजेंसियों के हवाले किया जाए। इसके लिए जल्द योजना तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों को स्वच्छ शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट की कमी को आड़े नहीं आने देगी। जरूरत पड़ने पर बेहतर कंपनियों को आउटसोर्सिंग के जरिए जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन परिणाम हर हाल में दिखाई देने चाहिए।

अफसरों के तबादले और रिटायरमेंट से काम नहीं रुकेगा-मंत्री ने अधिकारियों को दोटूक संदेश दिया कि अफसरों के तबादले, सेवानिवृत्ति या विभागीय बदलाव का असर जनसुविधाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी बस अड्डों की व्यवस्था संभालने की है, उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। विज ने यह भी निर्देश दिए कि जिन बस अड्डों पर शौचालय बंद हैं, उन्हें तत्काल खुलवाया जाए और नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।

लापरवाही पर ठेकेदारों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई-नई व्यवस्था में ठेकेदारों और निजी कंपनियों की जवाबदेही भी तय करने की तैयारी है। यदि टेंडर लेने के बाद किसी एजेंसी ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही की या निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान रखा जाएगा। विज खुद कई बस अड्डों का निरीक्षण कर चुके हैं और वहां गंदे शौचालयों तथा लटके तालों को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। अब अधिकारियों को स्पष्ट संदेश है कि बस अड्डों की सफाई व्यवस्था केवल फाइलों में नहीं, बल्कि यात्रियों को मौके पर नजर आनी चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के बस अड्डों पर यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधाएं मिलें।

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