नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बिना किसी देरी के एक अतिरिक्त निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) उपलब्ध कराए।
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक आवेदन देकर उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) विवाद और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ संसद में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के बाद जान से मारने की धमकियां मिलने के मद्देनजर यह मांग की। केंद्र की ओर से पेश हुए वकील आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि यादव का आवेदन विचारार्थ है और तीन हफ्ते के अंदर इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। वहीं, निर्दलीय सांसद के वकील ने कहा कि अगर इस बीच उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है, तो इस समय वह याचिका पर विचार करने का अनुरोध नहीं करेंगे।
अदालत ने आदेश दिया, ”रिट याचिका को आगे नहीं बढ़ाने के आधार पर निस्तारित किया जाता है। साथ ही, प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि अस्थायी व्यवस्था के तौर पर याचिकाकर्ता को बिना किसी और देरी के एक अतिरिक्त पीएसओ उपलब्ध कराए, जब तक कि संबंधित आवेदन पर उनके द्वारा निर्णय नहीं ले लिया जाता।” अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर याचिकाकर्ता अपनी याचिका पर फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो उन्हें उचित कानूनी उपाय करने की छूट होगी।



















