गुना : अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चा में रहने वाले गुना से भाजपा विधायक पन्ना लाल शाक्य एक बार फिर विवादों से घिरते नजर आ रहे हैं। अबकी बार उनका विरोध मंच पर भाषण के दौरान ही हो गया। खास बात यह कि भाजपा की महिला विधायक ने उन्हें टोकते हुए कह दिया कि आप महिलाओं के बारे में गलत कह रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को विनाश की जड़ बताया है। इससे पहले की वे कुछ और बोल पाते महिला विधायक ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। दोनों विधायकों की बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल, नानाखेड़ी मंडी प्रांगण में मंगलवार को बलराम कृषि महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्राकृतिक खेती पर जोर देने के साथ-साथ कई विषयों पर अपनी बात रखी। संबोधन की शुरुआत हुए विधायक ने ‘ऐ वतन तेरे लिए…’ गीत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे गीतों पर रोक लगनी चाहिए और यह कहना चाहिए कि ऐ वतन तेरे लिए जान लेंगे, देंगे नहीं। इसी दौरान उन्होंने पौराणिक व ऐतिहासिक संदर्भों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, रामायण काल में रावण को बहुत लोगों ने समझाया कि क्यों पराई स्त्री को ले आए हो, यह तो मौत का सामान है, इसे सम्मान सहित भेज दो। उस युद्ध में महिलाएं कोई नहीं मरीं, मरे तो आदमी ही मरे। यह विडंबना समझनी होगी। ऐसा ही महाभारत में हुआ, एक पांचाली के पीछे एक करोड़ आदमी मारे गए, महिलाएं कोई नहीं मरीं। यह समझ आना चाहिए। अगला दौर आता है, जब पृथ्वीराज चौहान ने संयोगिता के पीछे अपने 55 सामंत कन्नौज से दिल्ली तक मरवा दिए, आज तक हम उसको भोग रहे हैं।
भाषण के दौरान जब विधायक पुरुषों के मारे जाने और महिलाओं के न मरने की बात कह रहे थे, तभी मंच पर मौजूद चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा, भाईसाहब यह गलत बात है, महिलाओं ने भी बलिदान दिया है। इस पर पन्नालाल शाक्य ने उनसे कहा, आपसे हाथ जोड़कर निवेदन कर रहा हूं कि बीच में न बोलें। प्रियंका पेंची की आपत्ति पर विधायक पन्नालाल ने सफाई देते हुए कहा कि उनका धन्यवाद, उन्हें थोड़ा कष्ट हो रहा था कि आप गलत बोल रहे हो, महिलाओं का कहां अपमान नहीं हुआ? पन्नालाल ने कहा कि हमने बहुत पढ़ाई की है, बहुत…। हमें मालूम है, कहां अपमान हुआ है और कहां सम्मान हुआ है।इसके बाद छात्र द्वारा प्राकृतिक खेती का संदेश दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक पन्नालाल ने कहा, माननीय प्रधानमंत्री भी कह रहे हैं प्राकृतिक खेती, लेकिन हम विदेशों से यूरिया जैसी खाद का फॉमूर्ला अपना रहे हैं, जिससे हमारी खेती दिनों-दिन बंजर हो रही है। किसानों को यह समझना होगा कि हम खेतों को रेगिस्तान बनाने जा रहे हैं। पंजाब की हालत यूरिया डाल-डालकर खराब हो गई है, वे गेहूं गुना और विदिशा से खरीद रहे हैं। हम भी उसी स्थिति में पहुंचते जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, हम अगर विदेशी खाद का उपयोग करते रहे तो अपने इस देश को बंजर बना देंगे। इसलिए निवेदन है कि प्राकृतिक खेती और देशी खाद को अपनाएं। विदेशों से कर्जा लेकर यूरिया मांगना पड़ता है, जिससे हम कर्जे में दब रहे हैं। यही प्रधानमंत्री का भी आह्वान है कि हमको विदेशी खाद का जितना हो सके उतना कम उपयोग करना चाहिए।




















