हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र; हरविंद्र कल्याण की मौजूदगी में निकाले गए सदस्यों के प्रश्न, 27 अगस्त से शुरू होगा सदन

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चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र-2026 को लेकर विधानसभा सचिवालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। 27 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र के दौरान सदन में विधायकों द्वारा उठाए जाने वाले प्रश्नों के लिए शुक्रवार को ड्रा निकाला गया। प्रश्नों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ड्रा के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण भी मौजूद रहे।विधानसभा में प्रश्नकाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके माध्यम से विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों तथा प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सरकार के समक्ष रखते हैं। साथ ही संबंधित विभागों से योजनाओं, नीतियों, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर जवाब मांगा जाता है। मानसून सत्र के लिए प्रश्नों का ड्रा निकाले जाने के साथ ही अब सदन में उठाए जाने वाले विषयों को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

विधायकों को मिलेगा जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर
मानसून सत्र में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। विधायक अपने क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था, कृषि तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित सवाल सरकार के समक्ष रख सकते हैं। प्रश्नों के माध्यम से विभागीय योजनाओं की प्रगति और सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति भी सदन के पटल पर सामने आएगी।

प्रश्नों के ड्रा की प्रक्रिया विधानसभा की कार्यवाही को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे यह तय होता है कि किन सदस्यों के प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान लिए जाएंगे और किस क्रम में संबंधित विभागों से जवाब मांगा जाएगा।

27 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त 2026 से शुरू होना है। सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय की ओर से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण लगातार सत्र की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उनके लिए सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराना प्रमुख जिम्मेदारी होगी। प्रश्नकाल के साथ-साथ शून्यकाल, विधायी कार्य और सरकार से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव भी सत्र के दौरान महत्वपूर्ण रहेंगे।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दिखेगी मुद्दों पर खींचतान
मानसून सत्र को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्तापक्ष जहां सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को सामने रखने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष विभिन्न जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा सकता है। ऐसे में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के सवाल और सरकार के जवाब सदन की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।

प्रश्नों के ड्रा के साथ ही मानसून सत्र की औपचारिक तैयारियां अब अगले चरण में पहुंच गई हैं। आने वाले दिनों में विधानसभा सचिवालय की ओर से कार्यसूची और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। 27 अगस्त से शुरू होने वाला सत्र प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

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