नई दिल्ली: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली में उस वक्त असमंजस की स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रपति भवन ने पहले एक आधिकारिक बयान जारी कर शनिवार को होने वाली ‘चेंज ऑफ गार्ड’ सेरेमनी को रद्द करने की जानकारी दी और करीब एक घंटे बाद ही उस प्रेस रिलीज को वापस ले लिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से दोपहर करीब 2 बजे जारी बयान में कहा गया था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के दिल्ली दौरे और उनके औपचारिक स्वागत की तैयारियों के मद्देनजर शनिवार, 22 अगस्त को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में होने वाला साप्ताहिक ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस घोषणा के करीब एक घंटे बाद राष्ट्रपति भवन ने एक नया बयान जारी कर पहले की प्रेस रिलीज वापस लेने की जानकारी दी।
दौरे को लेकर बढ़ा सस्पेंस
पहले समारोह रद्द करने और फिर उससे संबंधित प्रेस रिलीज वापस लेने से बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के भारत दौरे को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रपति भवन की ओर से बयान वापस लिए जाने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित दौरे और औपचारिक स्वागत कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति क्या है। तारिक रहमान के दौरे को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में कई मुद्दों को लेकर राजनयिक तनाव देखने को मिला है।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से तनाव
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव की एक बड़ी वजह बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर दोनों देशों के बीच जारी विवाद है। बांग्लादेश की ओर से भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की जा चुकी है। ऐसे समय में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का भारत दौरा और राष्ट्रपति भवन की ओर से स्वागत से जुड़ी घोषणा का वापस लिया जाना कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले अहम घटनाक्रम
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर सभी की नजर है। ऐसे में राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान और उसके तत्काल बाद वापसी ने दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनयिक समीकरण को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया है। फिलहाल राष्ट्रपति भवन ने प्रेस रिलीज वापस लेने की वजह स्पष्ट नहीं की है। इसलिए यह देखना अहम होगा कि बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भारत दौरे और उनके औपचारिक स्वागत कार्यक्रम को लेकर आगे क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है।




















