निर्वाचक सूची में नाम जुड़वाने के लिए घोषणा-पत्र की अनिवार्यता समाप्त, चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश

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निर्वाचक सूची में नाम जुड़वाने के लिए घोषणा-पत्र की अनिवार्यता समाप्त, चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश

पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचक सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिसके अनुसार आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां प्रारूप-6 के साथ घोषणा-पत्र देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। आयोग ने कहा कि ऐसे सभी पात्र नागरिक, जिनका नाम निर्वाचक सूची में शामिल नहीं है और जो अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, उन्हें अलग से घोषणा-पत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से गुरुवार को जारी सूचना के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 29 सितंबर 2026 को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए थे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है, वहां प्रारूप-6 के साथ घोषणा-पत्र देने का प्रावधान लागू रहेगा। वहीं, जिन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां इस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। आयोग के निर्देश के आलोक में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, सहायक जिला निर्वाचन पदाधिकारियों तथा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही, पात्र नागरिकों को निर्वाचक सूची में अपना नाम दर्ज कराने की सुविधा के संबंध में आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने छूटे हुए पात्र मतदाताओं तथा नए निर्वाचकों के नाम निर्वाचक सूची में शामिल करने के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कारर्वाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि प्रारूप-6 निर्वाचक सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित आवेदन प्रपत्र है। इसके माध्यम से पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

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