नई दिल्ली : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज 10 अक्तूबर को दिल का दौरा पड़ने की वजह से सुबह 5.10 बजे निधन हो गया। बिना किसी फिल्मी कनेक्शन के उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर साधारण बैकग्राउंड से ऊपर उठकर अपनी पहचान बनाई। एक इंटरव्यू में पाटेकर ने बताया था कि स्कूल के बाद वे मुंबई के चुनाभट्टी तक लगभग आठ किलोमीटर पैदल चलकर जाते थे, जहां वे फिल्मों के पोस्टर पेंट करते थे जिसके उन्हें महीने के 35 रुपए मिलते थे और दिन में एक बार खाना मिलता था।
पाटेकर ने कहा था कि पिता की संपत्ति छिन जाने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अचानक बदल गई थी। भूख और आर्थिक तंगी का अनुभव सालों तक उनके साथ रहा। वह शुरुआती संघर्ष उस दौलत से बहुत अलग था जो उन्होंने बाद में हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने करियर के दौरान कमाई। उनकी नेट वर्थ के बारे में अलग-अलग अनुमान लगाए जाते रहे हैं; हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना की संपत्ति 60 से 80 करोड़ के बीच है।
नाना पाटेकर का सफर: गरीबी से अमीरी तक -नाना पाटेकर अक्सर अपने बचपन की आर्थिक तंगी के बारे में बात करते थे। उन्होंने सिर्फ 13 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। नौवीं कक्षा में रहते हुए वे फिल्मों के पोस्टर पेंट करते थे और महीने के 35 रुपए कमाते थे। उन्हें 1978 में ‘गमन’ फिल्म से बॉलीवुड में पहला ब्रेक मिला। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया और वे भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक बन गए।
करियर के कमाई भी बढ़ी-उनका करियर जैसे-जैसे आगे बढ़ा उनकी कमाई भी बढ़ती गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने करियर के बाद के दौर में वे एक फिल्म के लिए लगभग ₹2 करोड़ से ₹3 करोड़ फीस लेते थे। उन्होंने अन्य कार्यक्रमों और ब्रांड से जुड़े कामों से भी कमाई की। उनकी कुल संपत्ति सिर्फ फिल्मों से हुई कमाई तक ही सीमित नहीं थी। खास बात यह है कि नाना अपनी दौलत के बावजूद सादा जीवन जीने के लिए जाने जाते थे।
सालों तक 750 स्क्वायर फुट के अपार्टमेंट में रहे -वे सालों तक मुंबई के अंधेरी इलाके में 750 स्क्वायर फुट के एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहे। यह प्रॉपर्टी दशकों पहले लगभग 1.1 लाख रुपए में खरीदी गई थी और अब इसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। गोवा में भी उनका एक घर था। पाटेकर से जुड़ी एक और बड़ी प्रॉपर्टी पुणे में खड़कवासला के पास उनका फार्महाउस (लगभग 27 एकड़) था। इसका इस्तेमाल खेती के लिए किया जाता था, जहां गेहूं और धान जैसी फसलें उगाई जाती थीं। इसी तरह कई बॉलीवुड स्टार्स की तुलना में पाटेकर का कार कलेक्शन भी काफी साधारण था। उनके पास महिंद्रा जीप CJ4, महिंद्रा स्कॉर्पियो और ऑडी Q7 थी। हालांकि लग्जरी ने कभी भी पाटेकर की पसंद को प्रभावित नहीं किया।
किसानों की मदद के लिए लग्जरी कार पर खर्च से इनकार-कहा जाता है कि उन्होंने एक बार एक लग्जरी कार पर 1.5 करोड़ रुपए खर्च करने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि वे उस पैसे का इस्तेमाल किसानों की मदद के लिए करना पसंद करेंगे। यह एक्टर हमेशा एक साधारण घर, काम की चीजों और काफी सादे जीवनशैली से जुड़े रहे। पाटेकर के लिए गरीबी से अमीरी तक का सफर कभी भी सिर्फ बैंक अकाउंट में मौजूद रकम के बारे में नहीं था। उनके अपने शब्दों में शुरुआती मुश्किल भरे दिनों ने ही यह तय किया कि वे पैसे, खाने और सफलता को किस नजरिए से देखते हैं।



















