नई दिल्ली : कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बृहस्पतिवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ”एक जनपद, एक माफिया” का मॉडल तैयार किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अपराधियों तथा सत्ता के बीच गठजोड़ का खामियाजा दलितों, पीड़ितों और शोषितों को भुगतना पड़ रहा है।
पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में हर दिन औसतन नौ हत्याएं, 10 हत्या के प्रयास, नौ बलात्कार, 33 अपहरण और करीब 235 हिंसक अपराध हो रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हाल के दिनों में उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली को लेकर ”बेहद सख्त” टिप्पणियां की हैं। गौतम ने दावा किया कि अदालत की टिप्पणियों में उत्तर प्रदेश में ”भाजपा राज में जारी अराजकता” का जिक्र किया गया है और यहां तक कहा गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस को भंग कर देना चाहिए।
बेटियों पर सबसे ज्यादा एसिड अटैक हो रहे हैं-उन्होंने आरोप लगाया, ”भाजपा राज में अपराधियों और सत्ता के बीच का गठजोड़ दलितों, पीड़ितों और शोषितों के खिलाफ है तथा रसूखदारों के लिए काम करता है।” कांग्रेस नेता अभय दुबे ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने अपराधियों को इतना संरक्षण दिया है कि वे ”खुलेआम जनता को परेशान” करने लगे हैं। उन्होंने कहा, ”उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और बलात्कार जैसे अपराध चरम पर हैं। यहां बेटियों पर सबसे ज्यादा एसिड अटैक हो रहे हैं।”
दुबे ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ”एक जनपद, एक माफिया” का मॉडल तैयार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार में एक जाति विशेष के अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। दुबे ने कहा, ”आज उत्तर प्रदेश की जनता योगी आदित्यनाथ से पूछ रही है कि आखिर कब तक तांडव चलेगा?” दुबे ने कहा कि यही कारण है कि उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय जैसी संस्थाओं ने उत्तर प्रदेश को लेकर कड़ी टिप्पणियां की हैं। कांग्रेस के लोकसभा सदस्य इमरान मसूद ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में ”सिर्फ नफरत फैलाई जा रही है।” उन्होंने कहा, ”यहां जोड़ने की नहीं, सिर्फ तोड़ने की बातें की जा रही हैं।” मसूद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ही ”परलोक के दर्शन करवा देंगे” जैसी बातें बोलने लगें तो दूसरों से क्या उम्मीद की जाएगी। उन्होंने कहा, ”ये अहंकार है, जिसे लोगों को समझने की जरूरत है।




















