नीला ड्रम कांड’ : सजा सुनाये जाने पर रोने लगी मुस्कान, साहिल की भी आंखें हुईं नम

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नीला ड्रम कांड’ : सजा सुनाये जाने पर रोने लगी मुस्कान, साहिल की भी आंखें हुईं नम

मेरठः मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या और ‘नीला ड्रम’ कांड के तौर पर चर्चित हुए मामले में बुधवार को खुद को फांसी की सजा सुनाये जाने पर राजपूत की पत्नी मुस्कान रोने लगी जबकि उसके प्रेमी साहिल की भी आंखें नम हो गयीं। फैसला सुनते ही मुस्कान भावुक होकर रोने लगी और उसने अदालत से अपनी दोनों बेटियों का ख्याल रखने की गुहार लगाई।

जेल प्रशासन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले दोनों दोषियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश कराया गया और न्यायाधीश ने उनसे पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं, जिस पर दोनों ने जवाब दिया कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। सूत्रों के मुताबिक सजा सुनते समय मुस्कान हाथ जोड़कर बैठी थी और सजा का ऐलान होते ही वह रोने लगी, जबकि साहिल भी भावुक हो गया।

इस मामले में सबसे अहम घटनाक्रम सजा सुनाए जाने से ठीक पहले सामने आया जब मुस्कान के माता-पिता ने अदालत में लिखित रूप से कहा कि उनकी बेटी को फांसी की सजा भी दी जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने सौरभ को बहुत अच्छा लड़का बताया। हालांकि, इस संबंध में उनके लिखित बयान का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने मुस्कान की दोनों बेटियों के भविष्य और उनकी परवरिश का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड को उचित ठहराया।

फैसले के बाद सौरभ के परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया। सौरभ की मां रेनू ने कहा कि आखिरकार उनके बेटे को न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि फैसले से परिवार को कुछ शांति मिली है और ऐसे अपराध के लिए यही सजा उचित है। इस बीच, मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मुस्कान के साथ रह रही उसकी 10 महीने की बच्ची के भविष्य को लेकर तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि फांसी की सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उसे अमल में नहीं लाया जाता और दोषियों के पास पहले उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अपील करने तथा इसके बाद राज्यपाल और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका देने के विकल्प होते हैं। शर्मा ने बताया कि नियमानुसार बच्चा छह साल की उम्र तक मां के साथ जेल में रह सकता है और फांसी की तारीख तय होने के समय बच्ची के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल में ही रखा जाएगा या किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि अदालत का विस्तृत आदेश मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा। शर्मा ने बताया कि मुस्कान पिछले तीन-चार दिनों से अपनी बड़ी बेटी से मिलने की गुजारिश कर रही है। उन्होंने बताया कि करीब सात साल की बच्ची को अभी मुस्कान से मिलवाने के लिए जेल नहीं लाया गया है। उन्होंने बताया कि जेल के नियमों के तहत छह साल की उम्र तक ही संतान अपनी मां के साथ रह सकती है।

शर्मा ने यह भी बताया कि मुस्कान अपने साथ जेल में ही रह रही अपनी 10 महीने की बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है और वह इस बारे में सवाल भी करती रही है। सौरभ राजपूत की हत्या तीन मार्च 2025 की रात को कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे और पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए और करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था। 

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