भारत ने बांग्लादेश को भेजे 200 में से पहले 18 रेल कोच, 915 करोड़ रुपए का समझौता

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भारत ने बांग्लादेश को भेजे 200 में से पहले 18 रेल कोच, 915 करोड़ रुपए का समझौता

भारत ने बांग्लादेश रेलवे को 200 ब्रॉड-गेज यात्री कोचों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस क्रम में पहले 18 कोच बांग्लादेश के लिए रवाना किए गए हैं। करीब 915 करोड़ रुपये के इस समझौते के तहत सभी कोचों की आपूर्ति दिसंबर 2027 तक पूरी की जानी है। भारतीय रेलवे की निर्यात शाखा RITES लिमिटेड के अनुसार, कोचों की पहली खेप पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) से रवाना हुई। यह परियोजना बांग्लादेश रेलवे के यात्री परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पहली खेप में चार तरह के कोच शामिल

पहली खेप में कुल 18 कोच भेजे गए हैं। इनमें अनुबंध के तहत निर्धारित सात श्रेणियों में से चार प्रकार के कोच शामिल हैं।

  • 11 नॉन-एयर-कंडीशंड ‘शोवोन’ चेयर कार
  • 3 एयर-कंडीशंड चेयर कार
  • 2 एयर-कंडीशंड स्लीपर कोच
  • 2 एयर-कंडीशंड पावर कार

पावर कार में गार्ड के लिए अलग कमरा और सामान रखने की विशेष व्यवस्था की गई है। RITES ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए पहली खेप भेजे जाने की जानकारी दी और इसे कंपनी के निर्यात कारोबार की एक अहम उपलब्धि बताया।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक इंतजाम

नए कोचों में यात्रियों के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं दी गई हैं। इनमें विशेष रूप से डिजाइन की गई पीछे झुकने वाली कुर्सियां शामिल हैं, जिनमें स्टेनलेस स्टील के आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा, कोचों में CCTV निगरानी प्रणाली, पैसेंजर अलार्म सिस्टम, आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां, बेबी केयर रूम और प्रार्थना कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

एयर-कंडीशंड कोचों में पंखों की व्यवस्था भी की गई है। बांग्लादेश की परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोचों की छतों को अतिरिक्त मजबूती दी गई है। वहां कुछ परिस्थितियों में भीड़ के कारण यात्री ट्रेन की छतों पर भी सफर करते हैं। ऐसे में कोचों के ढांचे को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।

बांग्लादेश की जरूरतों के मुताबिक तैयार इलेक्ट्रिकल सिस्टम

इन कोचों की एक प्रमुख विशेषता इनका इलेक्ट्रिकल सिस्टम है, जिसे बांग्लादेश रेलवे की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। जहां भारतीय रेलवे के कोचों में आमतौर पर 750 वोल्ट की विद्युत व्यवस्था इस्तेमाल होती है, वहीं बांग्लादेश के लिए भेजे जा रहे कोच 415 वोल्ट पर काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इससे नए कोचों को बांग्लादेश रेलवे की मौजूदा परिचालन व्यवस्था के अनुरूप इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।

यूरोपीय निवेश बैंक कर रहा परियोजना की फंडिंग

इस परियोजना के लिए यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) वित्तपोषण उपलब्ध करा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 के बीच बांग्लादेश रेलवे को सभी 200 कोचों की आपूर्ति की जानी है। इस परियोजना से बांग्लादेश के पुराने यात्री रेल बेड़े को आधुनिक बनाने और रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारत-बांग्लादेश के बीच पुराना है रेल कोच आपूर्ति सहयोग

रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला और बांग्लादेश रेलवे के बीच पहले भी सहयोग हो चुका है। वित्त वर्ष 2015-16 में RCF ने बांग्लादेश को 120 लिंके हॉफमैन बुश (LHB) ब्रॉड-गेज यात्री कोचों की आपूर्ति की थी। इसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए बांग्लादेश रेलवे ने 2024 में RITES के माध्यम से सात श्रेणियों के 200 ब्रॉड-गेज यात्री कोचों का नया ऑर्डर दिया था। अब इस ऑर्डर की आपूर्ति शुरू हो गई है।

RITES लिमिटेड रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और परामर्श कंपनी है। परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली यह कंपनी एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व के 55 से अधिक देशों में रेलवे उत्पादों और सेवाओं का निर्यात करती है।

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