अक्टूबर माह का सावित्री देवी स्मृति सम्मान शहर समता विचार मंच देहरादून इकाई की जिलाध्यक्ष निशा अतुल्य जी को दिया जाएगा
प्रयागराज । हर माह मिलने वाला सावित्री देवी स्मृति सम्मान अक्टूबर 2024 का शहर समता महिला काव्यगोष्ठी देहरादून इकाई की जिलाध्यक्ष निशा अतुल्य जी को दिया जाएगा। निशा अतुल्य जी पर चार पेज का सावित्री देवी स्मृति सम्मान विशेषांक भी प्रकाशित होगा, जिसमें रचनाकार को 30-35 कविताएं, कहानी, अपना जीवनवृत्त और अपना आत्मसंघर्ष टाइप करके देना पड़ेगा। साथ में...
29 सितम्बर 2024 | सावित्री देवी स्मृति सम्मान अंक
<object class="wp-block-file__embed" data="https://shaharsamta.com/wp-content/uploads/2024/09/sdae-Sep24-final.pdf" type="application/pdf" style="width:100%;height:600px" aria-label="<strong><em><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-black-color">सावित्री देवी स्मृति सम्मान</mark></em>सावित्री देवी स्मृति सम्मान - सितम्बरDownload
"प्रतिभावान मिली संजय श्रीवास्तव को सितंबर माह का सावित्री देवी स्मृति सम्मान देते हुए संस्था प्रसन्न है, संस्था आपके बेहतर भविष्य की कामना करता है।"
-संपादक
एनयूजे ने भगतसिंह जयंती पर दी श्रद्धांजलि किया
यूनियन आँफ जनॅलिस्ट प्रयागराज इकाई ने अपने पूवॅ घोषित कायॅक्रम शेरे हिन्दुस्तान अमर शहीद भगतसिंह की जयंती पर श्रदाजँली सभा तथा भगत सिंह स्मृति मे वृक्षारोपण कायॅक्रम आयोजित किया आजादी के आंदोलन के महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगतसिंह के स्मृति मे वृहद वृक्षारोपण मुख्य अतिथी शहर के प्रसिद चिकित्सक तथा एशिया के सबसे बडे शैक्षणिक ट्रस्ट के पी...
महिला काव्य गोष्ठी एवं मिली संजय श्रीवास्तव पर केंद्रित विशेषांक का लोकार्पण बही सरस काव्य गोष्ठी की बयार
प्रयागराज। आज दिनांक 29/9/24 को बायोवेद संस्थान में शहर समता विचार मंच प्रयागराज की ओर से एक महिला काव्य गोष्ठी, पुरुष काव्य गोष्ठी और मिली संजय श्रीवास्तव के काव्य पर आधारित सावित्री देवी विशेषांक के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कवि मुक्तक सम्राट राम कैलाश पाल प्रयागी ने तथा मुख्य अतिथि प्रोफेसर सरोज सिंह, विशिष्ट...
आदर्श लोकनाट्य ‘रामलीला’की रंगमंचीय परम्परा संजोए रखना जरूरी:आधुनिकता की चकाचौंध में बदल रहा पुराना लोकरंग:अशोक सिंह ‘बेशरम’
आज के बदलते परिवेश और आधुनिकता की चकाचौंध में कई विमर्श और परिदृश्य के नयेपन का विस्तार हो रहा है। हमारी सोच और चिंतन की परिधि,परिभाषा,अवधारणा,उद्देश्य हमें बिस्तार कीओरआकर्षित कर रहे हैं तो वहीं हमें विविधता से जोड़ते विविध माध्यमों में भी एक दूसरे से आगे जाने की होड़ लगी है। ऐसे में अतीत के कई मानकों की असल...




















