पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी के विश्वनाथ जिला इकाई की विशेष सभा

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*सगुणमार्गी रामभक्ति काव्यधारा के लोकप्रिय महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय संगोष्ठी  के ऊपर विस्तृत चर्चा*

*रामकथा: गंगा से ब्रह्मपुत्र तक विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हिंदी विशेषज्ञों का होगा समागम*

विश्वनाथ, (असम) l  पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी  विश्वनाथ जिला इकाई प्रत्येक वर्ष की भाँति इस बार भी सगुणमार्गी रामभक्ति काव्यधारा के लोकप्रिय महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जयंती दो दिवसीय कार्यक्रम के साथ मनाने जा रही है। इस बार उनके जयंती के अवसर पर  रामकथा: गंगा से ब्रह्मपुत्र तक विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर विश्वनाथ चारिआलि के राष्ट्रीय विद्यालय आमबाड़ी के सभागृह में आज अपराह्न 3 बजे कार्यकारिणी का बैठक हुई। इस बैठक में मार्गदर्शक के रूप में पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी के अध्यक्षा रीता सिंह सर्जना, तेजपुर विश्वविद्यालय, हिंदी विभाग के सहायक आचार्या व अकादमी के साहित्य सचिव डॉ० गोमा देवी शर्मा पहुंची।सर्वप्रथम  पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी विश्वनाथ जिलाध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा के अध्यक्षता में आयोजित तथा सचिव संतोष कुमार महतो के संचालित सभा में उपस्थित मार्गदर्शक, संरक्षक ,सदस्य को स्वागत किया गया। इसके बाद सचिव संतोष कुमार महतो ने सभा का उद्देश्य व्याख्या करते हुए आगामी 10-11 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय संगोष्ठी की रूपरेखा तथा आय-व्यय की जानकारी दी। उपस्थित अतिथि में डॉ० गोमा देवी शर्मा और रीता सिंह सर्जना आदि ने कहा असम में  पहली बार एक ऐसी ऐतिहासिक क्षण  होने जा रहा है जिसमें  महाकवि तुलसीदास जी के जयंती के अवसर पर विषय रामकथा: गंगा से ब्रह्मपुत्र तक  राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है‌। यह अकादमी के लिए गौरव का विषय है।रीता सिंह ने कहा इस संगोष्ठी में विशेषज्ञ के रूप में गौहाटी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रो०दिलीप कुमार मेधी, त्रिपुरा विश्वविद्यालय के सहायक आचार्या डॉ० मिलनरानी जमातिया, तेजपुर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रो० सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ० अनुशब्द, डॉ० गोमा देवी शर्मा, राजीव गाँधी विश्वविद्यालय अरूणाचल प्रदेश के सहायक आचार्य डॉ० राजीव रंजन प्रसाद मौजूद रहेंगे। 

इस मौके पर संरक्षक हरिप्रसाद लुईटेल, छत्तरसिंह पवार, उपाध्यक्ष जमीर अहमद ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय बहुत सुंदर है और विश्वनाथ में यह कार्यक्रम होना एक गर्व की बात है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हम भरपूर कोशिश करेंगे। अंत में अध्यक्ष ने प्रेम विश्वकर्मा ने अध्यक्षीय भाषण में कहा राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग ले रहे शोधार्थी तथा विशेषज्ञों को हार्दिक स्वागत है और कार्यक्रम को सफल कार्यान्वयन के लिए सभी से सहाय- सहयोग की कामना की। सचिव संतोष कुमार महतो ने उपस्थित अतिथि, संरक्षक,सदस्य का धन्यवाद ज्ञापन किया और  सभा भंग की। इस मौके पर सांगठनिक सचिव मनीषा पाल, सदस्या सैयदा आनोवारा खातुन, सदस्य बेददीप उपाध्याय,मंटु  बराल,अनुप शर्मा , हृत्तिक शर्मा मौजूद थे।