असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा निरस्त, एसटीएफ जांच में सामने आई अनियमितताएं

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लखनऊ, 07 जनवरी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) परीक्षा को निरस्त करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय माननीय मुख्यमंत्री द्वारा अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री प्रदेश में होने वाली सभी भर्तियों एवं चयन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण बनाए रखने के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली समस्त भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप नकल माफियाओं के विरुद्ध प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या-5 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद हेतु अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा के संबंध में अनियमितताओं, धांधली तथा अवैध धन वसूली से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। इन सूचनाओं के आधार पर एस.टी.एफ., उत्तर प्रदेश द्वारा मामले की जांच प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश द्वारा पूरे मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए गए। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्यवाही करते हुए दिनांक 20 अप्रैल 2025 को एस.टी.एफ., उत्तर प्रदेश द्वारा थाना विभूतिखंड, जनपद लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 144/25, धारा 112, 308(5), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) 2023 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया।

जांच के दौरान अभियुक्त महबूब अली को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा अभ्यर्थियों से धन लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की गई। अभियुक्त महबूब अली की स्वीकारोक्ति की पुष्टि एस.टी.एफ. द्वारा की गई गहन विवेचना एवं डेटा विश्लेषण से हुई है।

जांच के क्रम में गिरफ्तार अभियुक्तों तथा उनसे संबंधित अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों का डेटा विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर भी प्रकाश में आए। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र लिखकर संदिग्ध अभ्यर्थियों से संबंधित डेटा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

प्राप्त डेटा के मिलान के पश्चात यह तथ्य सामने आया कि उक्त परीक्षा की शुचिता भंग हुई है।

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सहायक आचार्य परीक्षा को निरस्त किए जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि उक्त परीक्षा का आयोजन शीघ्रातिशीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

Source : https://x.com/ians_india/status/2008860530535288966?s=20