ईरान पर चारों ओर से दबाव बढ़ाने की तैयारी: अमेरिकी ग्राउंड अटैक का कथित सीक्रेट प्लान लीक, वायरल मैप से हड़कंप

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित ग्राफिक्स मैप तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैप में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित ग्राउंड ऑपरेशन (Boots on the Ground) की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इस मैप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही अमेरिका, इजरायल या किसी अन्य आधिकारिक एजेंसी ने ऐसे किसी सैन्य अभियान की पुष्टि की है।

वायरल मैप में दावा 
सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे इस मैप में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ईरान के पश्चिमी और दक्षिणी तटीय इलाकों से जमीनी अभियान शुरू कर सकती है। इसमें खुजेस्तान, बुशहर, बंदर अब्बास, होर्मोजगान और खर्ग द्वीप जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को संभावित सैन्य लक्ष्य बताया गया है। दावे के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने युद्धपोतों और सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर अभियान चला सकती है। मैप में यह भी दावा किया गया है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों की सेनाएं अमेरिका की मदद कर सकती हैं। हालांकि, अब तक इन देशों में से किसी ने भी ईरान के खिलाफ किसी संभावित जमीनी अभियान में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

ट्रंप के बयान से बढ़ीं चर्चाएं
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब ईरान पर संभावित ग्राउंड अटैक को लेकर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा था कि “दूसरे लोग यह करेंगे।” इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर ट्रंप किन “दूसरे लोगों” की बात कर रहे थे।  वायरल मैप में दावा किया गया है कि इराक सीमा से सक्रिय कुर्द लड़ाके उत्तरी ईरान की ओर बढ़ सकते हैं।  पाकिस्तान सीमा से लगे सिस्तान-बलूचिस्तान क्षेत्र में बलोच अलगाववादी समूह सक्रिय हो सकते हैं। इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक सैन्य पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अमेरिकी नौसेना पहले से ही ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर और लड़ाकू विमान तैनात हैं। हालांकि, किसी आधिकारिक बयान में यह नहीं कहा गया है कि इनका उद्देश्य ईरान पर जमीनी हमला शुरू करना है।

ईरान भी हाई अलर्ट पर
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल के दिनों में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर नजर रखने का दावा किया है और चेतावनी दी है कि यदि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हुआ तो जवाब दिया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का पहाड़ी भूभाग किसी भी संभावित जमीनी अभियान को बेहद कठिन बना सकता है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े जमीनी अभियान से पहले व्यापक राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य तैयारियां होती हैं। फिलहाल वायरल हो रहे मैप और सोशल मीडिया पोस्ट किसी आधिकारिक सैन्य योजना का प्रमाण नहीं हैं। इसलिए अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित ग्राउंड अटैक को लेकर किए जा रहे दावों को अभी सिर्फ अटकल माना जाना चाहिए, जब तक कि कोई आधिकारिक पुष्टि सामने न आए।

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