Delhi-NCR में भारी बारिश का Red Alert, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मॉनसून से बिगड़ेगा मौसम, IMD की चेतावनी

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नई दिल्ली : नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में मॉनसून एक बार फिर प्रचंड रूप दिखाने के लिए तैयार है। IMD ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ सक्रिय होने से पूरे इलाके में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना बनी हुई है।

मौसम के ताजा विश्लेषण के मुताबिक, समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ अभी अमृतसर, बरेली, वाराणसी, रांची और झारखंड व उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजर रही है और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैल रही है।

इस एक्टिव ट्रफ से उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भी शामिल है बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। बारिश के इस दौर में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी शामिल है जो मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक वेस्टर्लीज में एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है।

यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मॉनसून सर्कुलेशन के बीच तालमेल से बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान और तेज बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। IMD ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ सक्रिय होने से पूरे इलाके में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना बनी हुई है।

मौसम के ताजा विश्लेषण के मुताबिक, समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ अभी अमृतसर, बरेली, वाराणसी, रांची और झारखंड व उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजर रही है और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैल रही है।

इस एक्टिव ट्रफ से उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भी शामिल है बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। बारिश के इस दौर में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी शामिल है जो मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक वेस्टर्लीज में एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है।

यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मॉनसून सर्कुलेशन के बीच तालमेल से बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान और तेज बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। IMD ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बहुत भारी बारिश हो सकती है।

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