US-Iran तनाव फिर चरम पर: सीजफायर की समयसीमा खत्म, ट्रंप के ‘हॉर्मुज’ दावे से बढ़ी जंग की आशंका

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने वाला 60 दिन का समझौता आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है और तेहरान ने साफ किया है कि उसने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने का फैसला अभी नहीं किया है। दूसरी ओर, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक बयान ने तनाव और बढ़ा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुआ 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU करीब 60 दिनों के लिए सैन्य टकराव रोकने और आगे स्थायी समझौते की राह बनाने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन समझौते के तुरंत बाद ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर इसकी शर्तें तोड़ने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। अब इसकी समयसीमा खत्म हो रही है और न तो नए समझौते की घोषणा हुई है और न ही दोनों पक्षों ने इसे आगे बढ़ाने पर स्पष्ट सहमति जताई है।


 
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हो रहा है, लेकिन इसे औपचारिक बातचीत नहीं माना जा सकता। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने MoU की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके बाद फिर से टकराव की स्थिति बनी। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी कुछ मांगों और कार्रवाइयों पर पीछे नहीं हटता, तब तक हॉर्मुज को पूरी तरह खोलने का सवाल भी अटका रहेगा। इस पूरे विवाद के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और युद्ध से पहले यहां रोजाना बड़ी संख्या में जहाज गुजरते थे। ताजा हालात में जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। रॉयटर्स के अनुसार शनिवार को केवल पांच कमोडिटी जहाज हॉर्मुज से गुजरे और रविवार को कोई जहाज नहीं गया, जबकि युद्ध से पहले यहां रोजाना 130 से ज्यादा जहाजों की आवाजाही होती थी।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका से बातचीत ठप होने के बावजूद ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज के लिए एक अस्थायी समुद्री मार्ग तैयार करने पर बातचीत चल रही है। अराघची के अनुसार, दोनों देश पहले एक अस्थायी रूट तय करना चाहते हैं, जिसे बाद में स्थायी व्यवस्था में बदला जा सकता है। लेकिन उन्होंने साफ किया कि नया रूट तय होना और हॉर्मुज को पूरी तरह खोलना दो अलग-अलग मुद्दे हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव को और बढ़ाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका हॉर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखेगा और यहां तक कहा कि वह इसे भविष्य में अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने की योजना बना रहे हैं।ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि हॉर्मुज पर नियंत्रण और उसका संचालन ईरान की संप्रभुता से जुड़ा मामला है।

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