चंडीगढ़ : हरियाणा भाजपा के निवर्तमान प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया के विदाई समारोह में वीरवार को प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज का अलग अंदाज देखने को मिला। भाजपा प्रदेश मुख्यालय पंचकुला में आयोजित समारोह के बाद जब डॉ. सतीश पूनिया रवाना होने लगे तो अनिल विज स्वयं उन्हें विदा करने के लिए उनकी कार तक पहुंचे।
विज ने पूनिया को कार में बैठाया और इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीयता का ऐसा क्षण आया, जिसने समारोह की औपचारिकता को पारिवारिक भाव में बदल दिया। पूनिया ने विज को गले लगाकर झप्पी दी और दोनों ने एक-दूसरे से आत्मीयता के साथ विदाई ली।
डॉ. सतीश पूनिया के विदाई समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री, भाजपा पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के बदलाव के बीच निवर्तमान प्रभारी के कार्यकाल को याद किया गया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
हालांकि कार्यक्रम संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, लेकिन समारोह के बाद अनिल विज और सतीश पूनिया के बीच दिखाई दी आत्मीयता ने सभी का ध्यान खींचा। विज का स्वयं पूनिया को उनकी कार तक छोड़ने जाना यह दर्शाता रहा कि संगठन में लंबे समय तक साथ काम करने वाले नेताओं के बीच औपचारिक राजनीतिक संबंधों के साथ व्यक्तिगत आत्मीयता भी बनी रहती है।
भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शुमार विज
अनिल विज हरियाणा भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं। अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र से वह सातवीं बार विधायक हैं। प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और भाजपा संगठन से उनका पुराना जुड़ाव उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में अलग स्थान देता है।
हरियाणा में भाजपा के अपने दम पर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भी अनिल विज को मंत्रिमंडल में स्थान मिला। वह तीनों भाजपा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। सरकार के अलग-अलग कार्यकाल में उन्होंने महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां संभाली हैं। मौजूदा सरकार में भी वह ऊर्जा, परिवहन और श्रम जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विज की राजनीतिक पहचान केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रही है। पांच दशक से अधिक समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े रहने के कारण उन्होंने संगठन के कई दौर देखे हैं। हरियाणा में भाजपा के शुरुआती विस्तार से लेकर पार्टी के सत्ता में मजबूत स्थिति तक के सफर में विज लगातार सक्रिय रहे हैं।
संगठन से संबंधों को महत्व देने का अंदाज
विज की कार्यशैली में संगठन के पुराने साथियों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को महत्व देने की झलक अक्सर देखने को मिलती रही है। सतीश पूनिया की विदाई के मौके पर भी उनका यही अंदाज नजर आया। समारोह समाप्त होने के बाद दूसरे नेता जहां औपचारिक रूप से पूनिया को विदाई दे रहे थे, वहीं विज स्वयं उनके साथ बाहर तक गए।
पूनिया के कार में बैठने के दौरान विज के साथ हुई उनकी झप्पी ने दोनों के बीच सहज संबंधों को सार्वजनिक रूप से सामने ला दिया। यह दृश्य कुछ ही क्षण का था, लेकिन समारोह में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
विज का लंबा राजनीतिक सफर
अनिल विज का राजनीतिक सफर हरियाणा भाजपा के विकास की यात्रा से भी जुड़ा रहा है। संगठन के शुरुआती दौर से सक्रिय रहे विज ने लंबे समय तक कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठ विधायक और मंत्री तक की भूमिका निभाई है। सातवीं बार विधानसभा पहुंचना उनके लंबे राजनीतिक सफर को दर्शाता है।
भाजपा की प्रदेश राजनीति में विज की वरिष्ठता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पार्टी की लगातार तीन सरकारों में उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया। सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर लंबे अनुभव के कारण पार्टी के भीतर उनकी अलग पहचान बनी है।
सतीश पूनिया के साथ विदाई का यह प्रसंग भी इसी लंबे संगठनात्मक सफर की एक झलक के रूप में सामने आया। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से दिखी आत्मीयता ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन लंबे समय से बने व्यक्तिगत और संगठनात्मक संबंध अपनी जगह कायम रहते हैं।
पूनिया को पंजाब की नई जिम्मेदारी
डॉ. सतीश पूनिया अब पंजाब भाजपा के प्रभारी के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। हरियाणा प्रभारी के रूप में उनकी भूमिका के बाद प्रदेश भाजपा ने उन्हें विदाई दी। इसी क्रम में पंचकुला स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी मौजूदगी में संगठनात्मक सहयोग और उनके कार्यकाल को याद किया।
समारोह की औपचारिकता के बीच अनिल विज की व्यक्तिगत पहल ने विदाई के दृश्य को विशेष बना दिया। विज का पूनिया को स्वयं कार तक छोड़ना और पूनिया का उन्हें गले लगाना उस रिश्ते की सहजता को सामने लाया, जो संगठन में लंबे समय तक साथ काम करने वाले नेताओं के बीच बनता है।
पांच दशक से अधिक के राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव वाले अनिल विज का यह अंदाज एक बार फिर चर्चा में रहा। एक ओर वह भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं और लगातार तीन भाजपा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ साथियों के प्रति व्यक्तिगत आत्मीयता दिखाने का उनका सहज अंदाज भी इस विदाई समारोह में साफ नजर आया।
सतीश पूनिया की कार के रवाना होने से पहले का वह छोटा सा क्षण पूरे समारोह की यादगार तस्वीर बन गया, एक वरिष्ठ नेता दूसरे वरिष्ठ नेता को स्वयं कार तक छोड़ने पहुंचा और विदाई के समय दोनों नेता औपचारिक अभिवादन के बजाय गर्मजोशी से गले मिले।




















