लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर अपनी नीतियों की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि सवालों से डरने वाली सरकार लोकतंत्र को कमजोर करती है। सोशल मीडिया पर राज्य की सत्तारूढ़ सरकार की आलोचना करने वाले एक वीडियो का जिक्र करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि उसमें उठाए गए मुद्दों से सरकार इतनी परेशान हुई कि संबंधित अकाउंट निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछने वाले किसी भी व्यक्ति को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सपा प्रमुख ने कहा, ”हमें पता लगाना होगा कि क्या वजह है कि सरकार मेटा के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर भी लोगों को अपनी आवाज उठाने नहीं दे रही है और सच्चाई उजागर करने वाली खबरों को प्रकाशित होने से रोक रही है।” अखिलेश ने दावा किया कि संबंधित वीडियो को अकाउंट निलंबित किए जाने से पहले 70 मिलियन (सात करोड़) बार देखा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सामग्री से सरकार को काफी परेशानी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में की गई उसकी कथित गलतियों पर कोई सवाल न उठाए। सोशल मीडिया पर नकारात्मक वीडियो बनाने और प्रसारित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”अगर वे (भाजपा) ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें भी इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सवालों से डरने वाली सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। अखिलेश ने सवाल किया कि यदि आम नागरिकों को सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांगने की स्वतंत्रता नहीं है, तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाता है। सपा प्रमुख ने इस बात पर बल दिया कि सरकार से सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि दूसरे देशों में लोग अपनी सरकारों से सवाल पूछ सकते हैं और अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, तो भारत के नागरिकों को भी यही स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।



















