पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। रावलाकोट में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें कम से कम छह नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रावलाकोट के न्यू बस टर्मिनल के पास पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ गए। झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की, जिसमें छह नागरिकों की जान चली गई। मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अरसलान अकबर और वाजिद हयात शामिल हैं। वाजिद हयात की मौत रावलाकोट के मटियाल मीरा बस टर्मिनल पर हुई।हिंसा से एक दिन पहले अमेरिका में रह रहे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि PoK में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। करीब 100 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पाकिस्तानी सेना को नागरिक इलाकों से हटाने की मांग की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि लंबे समय से इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण करीब 40 लाख लोग बाहरी दुनिया से कट गए हैं। उन्होंने पुंछ और डोडा सेक्टर के जरिए नियंत्रण रेखा (LoC) खोलकर मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग भी की। रिपोर्टों के अनुसार, PoK में खाद्य संकट लगातार बढ़ रहा है। खेती और पशुपालन पर निर्भर बड़ी आबादी भोजन की कमी से जूझ रही है।बताया गया है कि 57 प्रतिशत से अधिक परिवार खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बच्चों में कुपोषण और मातृ मृत्यु दर भी चिंता का विषय बनी हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में जारी प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा वर्षों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दमन का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार लोगों की जायज मांगें सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, इंटरनेट बंद कर रही है, खाद्य और दवाइयों जैसी जरूरी आपूर्ति रोक रही है तथा निहत्थे नागरिकों पर घातक बल का प्रयोग कर रही है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नागरिकों पर कार्रवाई के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की।





























