AI-171 प्लेन क्रैश जांच में बड़ा खुलासा: फ्यूल कंट्रोल स्विच में कोई तकनीकी खराबी नहीं, रिपोर्ट में साफ़ हुआ सच

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केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि जांचकर्ताओं को एयर इंडिया AI-171 के फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई खराबी नहीं मिली है। यह विमान पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार 260 लोगों की मौत हो गई थी। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) द्वारा की गई एडवांस्ड टेस्टिंग के बाद यह बात सामने आई। केंद्र का यह जवाब सिएटल में पूरे थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की अहम जांच के बीच आया है, जो अभी भी चल रही है।

AAIB की फाइनल रिपोर्ट में देरी नहीं हुई है: मंत्रालय
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में यह भी कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की फाइनल रिपोर्ट में कोई देरी नहीं हुई है। मंत्रालय का कहना है कि बड़े हवाई हादसों की जांच एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और AI-171 की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। राज्यसभा में सवालों का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि इस साल फरवरी में इस तरह के विमानों को उड़ान भरने से रोके जाने (ग्राउंड किए जाने) के बाद, एयरवर्थनेस (उड़ान भरने की योग्यता) की लगातार जांच के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इन टेस्ट के आदेश दिए थे। नायडू ने कहा कि सरकार फाइनल रिपोर्ट जारी करने की पूरी कोशिश कर रही है।

इस महीने की शुरुआत में, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि अहमदाबाद में जून 2025 में हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना (जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी) की जांच की फाइनल रिपोर्ट जल्द से जल्द जारी की जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सभी ज़रूरी संसाधन उपलब्ध कराए हैं। नायडू ने पत्रकारों से कहा, “जांच अभी चल रही है। हम जांच पूरी करने और जल्द से जल्द फाइनल रिपोर्ट हासिल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से हम सच्चाई से दूर हो सकते हैं।” वे ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स यूनिवर्सिटी, गति शक्ति विश्वविद्यालय (GSV) के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के बाद बोल रहे थे। केंद्र का मुख्य मकसद असल तथ्यों का पता लगाना है।केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमारी सभी कोशिशों का मुख्य मकसद असल तथ्यों का पता लगाना है। मैं (पीड़ितों के) परिवारों को यह भी बताना चाहता हूं कि न्याय तभी मिलेगा जब सच सामने आएगा। इसके लिए हम पूरी तरह से AAIB पर निर्भर हैं और उसे सभी ज़रूरी संसाधन और मदद दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि रिपोर्ट जल्द से जल्द पूरी हो जाएगी।” 14 जुलाई को AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि फाइनल रिपोर्ट का ड्राफ्ट अक्टूबर तक तैयार होने की उम्मीद है। AAIB ने अपने हलफनामे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़े हादसों की जांच ‘शिकागो कन्वेंशन’ और ‘इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन’ के नियमों के ‘एनेक्स 13’ के तहत की जाती है।

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