उज्जैन : धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराने का काम जारी है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद को गिराने के लिए मुस्लिम समुदाय खुद आगे आया। हालांकि कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा किया। जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। वहीं शहर काजी ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं माहौल को देखते हुए एहतियात के तौर पर शहर के स्कूलों मे ंछुट्टी की घोषणा कर दी गई है और बाजार बंद कर दिए गए हैं।इसके बाद “मुस्लिम वर्ग के कुछ लोग मस्जिद का हिस्सा तोड़ने के लिए राजी हो गए। उन्होंने हथौड़े से मेहराब तोड़ना शुरू किया तो रो पड़े। इसके लिए अल्लाह से माफी भी मांगी।” एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मुस्लिम समाज और मस्जिद कमेटी की सहमति व सहयोग से सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र में आने वाले मस्जिद के हिस्से को हटाया जा रहा है। यह कदम आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने वाले एक समूह पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्माण कार्य चल रहे हैं, मास्टर प्लान के हिसाब से मार्गों का चौड़ीकरण चल रहा है। इसमें अच्छी बात यह है कि सभी धर्म-समुदाय के लोग स्वतः इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। उनके मकान, धर्मस्थल जो भी बीच में आ रहे हैं, उन्हें वे स्वतः हटा रहे हैं।






















