नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के कथित विवादित बयान को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनसे इसे वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों ने पहलगाम और बारामूला में लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर निर्दोष लोगों की जान ली। ऐसे में पाकिस्तान को लेकर दिया गया कथित बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
लोगों ने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि उनके बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे इसके विरोध में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।



















