भाखरी में कचरा जमा नहीं होगा; न दुर्गंध फैलेगी, न लोगों को होगी कोई समस्या, प्री प्रोसेसिंग प्लांट की योजना को CM सैनी ने दी स्वीकृति

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भाखरी में कचरा जमा नहीं होगा; न दुर्गंध फैलेगी, न लोगों को होगी कोई समस्या, प्री प्रोसेसिंग प्लांट की योजना को CM सैनी ने दी स्वीकृति

चंडीगढ़: फरीदाबाद में कचरे की मात्रा के वैज्ञानिक प्रबंधन और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हरियाणा सरकार महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी दिशा में फरीदाबाद गुरुग्राम रोड स्थित ग्राम भाखरी में HPGCL की भूमि पHPGCL की भूमि पर तीसरी वेस्ट प्रोसेसिंग साइट विकसित करने की योजना बनाई गई है।यहां 600 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता का आधुनिक प्री प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित हाई पावर वर्क्स कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने स्वीकृति प्रदान की।कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने साफ शब्दों में कहा कि भाखरी में कचरा जमा नहीं होगा। यह साइट केवल कचरा डालने की जगह नहीं होगी, बल्कि यहां आने वाले पूरे कचरे की आधुनिक मशीनों से प्रोसेसिंग की जाएगी। कचरे को छांटकर उसका वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, जिससे साइट पर कचरे के ढेर नहीं लगेंगे और कचरा शेष नहीं बचेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट से किसी भी प्रकार की दुर्गंध नहीं फैलेगी। इसके लिए नियमित रूप से बायो कल्चर स्प्रे किया जाएगा, जो बदबू को पूरी तरह नियंत्रित करेगा। प्लांट में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) भी लगाया जाएगा, जिससे गंदे पानी का शोधन होगा और भूमि व भूजल सुरक्षित रहेंगे। सुरक्षा के लिए अग्निशमन प्रणाली की भी व्यवस्था रहेगी।कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भरोसा दिलाया कि प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों को कोई समस्या नहीं होगी। न खुले में कचरा पड़ा रहेगा, न दुर्गंध फैलेगी और न ही आसपास के वातावरण पर कोई बुरा असर पड़ेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास कार्य के साथ स्थानीय नागरिकों का स्वास्थ्य और सुविधा पूरी तरह सुरक्षित रहे।उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत संबंधित एजेंसी द्वारा तीन ट्रॉमेल मशीनें, एक श्रेडर और बेलिंग मशीन स्थापित की जाएगी। ट्रॉमेल मशीनें कचरे को छांटकर अलग करेंगी, श्रेडर उसे बारीक करेगा और बेलिंग मशीन से उपयोगी पदार्थों को पुनर्चक्रण के लिए तैयार किया जाएगा। प्लांट के संचालन के लिए लगभग 35 कर्मचारियों की तैनाती प्रस्तावित है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों एवं पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत लगभग 4,38,000 मीट्रिक टन नगरपालिका ठोस कचरे के प्रसंस्करण का प्रस्ताव है, जिस पर करीब ₹17.12 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इससे फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि भाखरी परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों की आशंकाओं को सरकार गंभीरता से ले रही है। यह प्लांट लोगों के लिए परेशानी नहीं, बल्कि समाधान बनेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे परियोजना से जुड़ी जानकारी आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करें और किसी भी भ्रामक बात पर ध्यान न दें।कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित शहरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। भाखरी में बनने वाला आधुनिक कचरा प्रसंस्करण प्लांट वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो फरीदाबाद को स्वच्छ बनाने के साथ उसके सतत विकास को भी गति देगा।

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