Home Blog Page 71

E paper | 13 नवम्बर2024

0
13 Nov Shahar SamtaDownload

E paper | 12 नवम्बर2024

0
12 Nov Shahar SamtaDownload

आरेडिका के महाप्रबंधक द्वारा स्काउट एवं गाइड झंडा बिक्री अभियान का आगाज

0
 रायबरेली lभारत स्काउट एवं गाइड संगठन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वर्ष पर्यंत स्काउट गतिविधियों के संचालन तथा आपदा प्रबंधन में सहयोग प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर संचालित झंडा बिक्री अभियान का आगाज आरेडिका के महाप्रबंधक प्रशान्त कुमार मिश्रा के हाथों हुआ। इस अवसर पर मुख्य जिला आयुक्त एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री...

अशोक कुमार स्नेही सम्मान से अलंकृत हुईं – प्रेमा राय और जया मोहन

0
प्रयागराज। स्नेही काव्य-मंच, प्रयागराज के तत्त्वावधान में दिनांक 11नवम्बर2024 को बड़ा डाकघर,सिविल लाइन्स में सम्मान-समरोह एवं कवि-गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता डॉ० राम जी मिश्र ने की तथा मुख्य अतिथि डाॅ०कल्पना वर्मा रही। संचालन उमेश श्रीवास्तव ने किया।माँ सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पित कर ,अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री गीता...

28 अक्टूबर 2024| निशा अतुल्य अंक

1
निशा अतुल्य अंकDownload

सरस काव्यगोष्ठी हुई सम्पन्न

0
प्रयागराज । आज अल्लापुर स्थित मुकुल मतवाला के आवास रैन बसेरा पर डाँ वीरेंद्र तिवारी के संयोजन में एक सरस काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह काव्य गोष्ठी प्रयागराज के वरिष्ठ साहित्यकार शिवमूर्ति सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस काव्य गोष्ठी के मुख्य अतिथि रविनंदन सिंह रहे एवं विशिष्ट अतिथि प्रेमा राय एवं श्रीराम मिश्र तलब जौनपुरी रहे। आयोजन...

मानव और प्रकृति के बीच रिश्ता कायम करती है– आंवला नवमी

0
डॉ०प्रदीप चित्रांशी प्रयागराज।भारत की मूल संस्कृति ,गाँव के आँगन में पलती है जहाँ वृक्ष, नदी और पर्वत  को पवित्र मानकर त्योहार मनाने की परम्परा आज भी विद्यमान है। यही परम्परा पर्यावरण- संरक्षण में महत्वपूर्ण तथा सकारात्मक भूमिका अदा कर,मानव और प्रकृति  के बीच आत्मीय रिश्ता कायम करती है। रामायण, महाभारत, गीता और पुराणों आदिक धार्मिक ग्रंथों में पेड़-पौधों को संरक्षित...

E paper | 10 नवम्बर2024

0
10 Nov Shahar Samta -_compressed (1)Download

E paper | 9 नवम्बर2024

0
09 Nov Shahar SamtaDownload

  छठ पूजा 

सरल नहीं है व्रत उपवास  डाला मैया की कठिन तपस्या । बहुत समय तक जल में रहकर  करनी पड़ती है सूर्य उपासना । नहाय -खाय छठ पूजा करना  सज -धज कुमकुम  तिलक लगाना । ठेकुआ, मीठा, फल फूल चढ़ाना  मां गंगा , जमुना में दूध चढ़ाना ।  मां के सम्मुख दीप जलाकर  अपने आंचल को फैला कर  सबके आरोग्य की करो कामना  शीश झुका आशीष है पाना         ...