सरल नहीं है व्रत उपवास
डाला मैया की कठिन तपस्या ।
बहुत समय तक जल में रहकर
करनी पड़ती है सूर्य उपासना ।
नहाय -खाय छठ पूजा करना
सज -धज कुमकुम तिलक लगाना ।
ठेकुआ, मीठा, फल फूल चढ़ाना
मां गंगा , जमुना में दूध चढ़ाना ।
मां के सम्मुख दीप जलाकर
अपने आंचल को फैला कर
सबके आरोग्य की करो कामना
शीश झुका आशीष है पाना
ललिता नारायणी
प्रयागराज



















