150 साल पुराने ट्रस्ट में 33514 सदस्य ही क्यों इस विषय पर विपक्ष मौन क्यों
ट्रस्ट को गुमराह करने वाले मुझे नसीहत न दें
पूरी ईमानदारी के साथ मैं अपने कर्तव्य मार्ग पर चलता चला जाऊंगा
एरिया बिगेस्ट ट्रस्ट के लिए बहुत सारी योजनाएं लाया हूं मैं
विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुवे अध्यक्ष ने अपने आठ माह की गिनाई उपलब्धियां
न्यूनतम राशि से कायस्थ पाठशाला के बनाए जाने वाले नए सदस्यों का क्यों कर रहा है विपक्ष विरोध

सुधीर सिन्हा, प्रयागराज। महज साढ़े आठ महीनों में कायस्थ समाज के हितों के लिए मेरे द्वारा कराए जा रहे ताबड़ तोड़ कार्य को देख कर चंद विपक्षी लोग मुझे देखना पसंद नहीं कर रहे हैं और उनकी आंखों में मैं खटकने लगा हूं।यहीं नहीं एक दूसरे को नीचा दिखाने वाले लोग अब एक दूसरे से हांथ मिलाकर मुझे ही नीचा दिखाने का कुचक्र रच रहे हैं ।बावजूद इसके में विचलित नहीं हूं और पूरी निष्ठा ,ईमानदारी के साथ अपने कार्य का निर्वहन कर रहा हूं । मैं न तो डरा हूं न रुका हूं, न ही रुकूंगा और न ही थकूंगा।कायस्थ पाठशाला के हित में निरंतर कार्य करता रहूंगा क्योंकि मैं कायस्थ परिवार के लिए एक एक सदस्य को जोड़ने के लिए कृत संकल्प हूं।मेरी जीत ऐतिहासिक जीत थी और में संघर्ष से विचलित नहीं होता।ये उद्गार हैं कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष डॉक्टर सुशील सिन्हा के जो शनिवार को एक स्थानीय होटल में मीडिया कर्मियों से रूबरू होकर उनके सवालों का जवाब दे रहे थे।उन्होंने अपने साढ़े आठ महीनों की अल्प अवधि में कराए गया विकास कार्यों को भी सभी के सामने खुलकर बताते हुवे विपक्षियों पर जमकर प्रहार करते हुवे संस्था के रूल्स की दो प्रतियों का हवाला देते हुवे कहा कि मेरे सत्तासीन होने के पूर्व के लोगों ने फर्जी रूल्स बनाकर आम जनता को भी ठगने का कार्य किया है उन्होंने एक तरह की दो प्रतियों को पटल पर रखते हुवे कहा कि 29अक्टूबर 2017के रूल्स में बदलाव है।एक तो जो रजिस्ट्रार सोसाइटी में 48ए जमा किया गया है और ठीक उसी की नकल से दूसरा आम जनता को बेवकूफ बनाने के लिए 48ए बनाया गया है जो पूरी तरह से फर्जी है।अब सवाल ये उठता है कि मार्च 2018 में भी ये रूल्स दिए गए हैं अब सवाल ये उठता है कि इनमे से सही कौन सा है।वहीं दो तरह के रूल्स समाज को देना गलत है।यही नहीं उन्होंने अपनी बातों को रखते हुवे कहा कि मैने जब जनवरी 2024 में कार्यभार ग्रहण किया और कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट का कायाकल्प करने में जुटा तो मेरी रह में रोड़ा अटकाने के लिए जीएस्टी का छापा डलवाया गया और तमाम सारे वित्तीय रिकार्डों को सीज कर दिया गया।यहीं नहीं केपी कॉलेज में 10लाख के बिजली का बिल बकाया होने के चलते बिजली तक काट दी गई।कई भवनों और संस्थानों में भारी गृहकर और जलकर बकाया होने के चलते नगर निगम ने इन्हें सीज करने की कार्यवाही कर दी।उन्होंने कहा कि लगभग 50 करोड़ का जलकर,गृहकर,बिजली का भुगतान की तलवार अभी लटक रही है।यही नहीं पूर्व अध्यक्ष में सी एम पी डिग्री कॉलेज,के पी कॉलेज,के पी कमयूनीटी की बिल्डिंग भी खस्ता हाल हो गईं ।यही नहीं पूर्व अध्यक्ष ने चुनाव हारने के बाद बीते दिनों कायस्थ भवन के साथ ही छीतपुर की कई जमीनें लोगों को आबंटित करने का अनुबंध तक कर दिया । पूर्व अध्यक्षों द्वारा अपने स्वार्थ के लिए गए इस कार्य के चलते वहां पर हो रहे अवैध निर्माण को महामंत्री एवम अन्य अधिकारियों ने अभी हाल प्रशासन ले मदद से रुकवाया गया।मेरे कार्यों में रुकावट डालने के लिए उन लोगों ने ट्रिब्यूनल ने चुनाव याचिका भी लगा दिया,उपजिलाधिकारी कोर्ट में भी हर तीसरे दिन इलेक्शन पिटीशन की तारीख लगवाई जाने लगी। बावजूद इसके मैं विचलित नहीं हुवा और विपरीत परिस्थितियों के बाद भी वर्तमान कार्यकारिणी के साथ अधिकांश साथियों के साथ मिलकर मैं अपने कार्य को अंजाम देने में पूरी शिद्दत के साथ जुटा हुवा हूं।कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष डॉक्टर सुशील सिन्हा ने विपक्ष को घेरते हुवे कहा कि पूर्व की कार्यकारिणी के अनेकों गलत फैसले लिए जिनके कारण विगत कई दशकों से गृहकर,जलकर,बिजली के बिल करोड़ों की संख्या में बकाया थे जिनकी वजह से नगर निगम द्वारा भवन सील किए गए उनकी बिजली कटी गई इन सबका मैने जब समाधान कर भवनों को छुड़ाया तो लोगों को बुरा लगने लगा।डॉक्टर सिन्हा यहीं नहीं रुके विपक्ष पर उन्होंने ताबड़ तोड़ हमले करते हुवे कहा कि कुछ लोगों ने अपने को कायस्थों का मसीहा मन लिया और अपने को मठाधीश समझते हुवे कास्यथ पाठशाला को अपनी मुठ्ठी में बंद कर रखा था बावजूद जनता ने बदलाव चाहा और मुझे इस बार अध्यक्ष के रूप में चुना ताकि मैं जानता की सेवा कर सकूं और कायस्थ पाठशाला में विद्यालय हो सके और कायस्थ पाठशाला शिक्षा के लिए जाना जाय न कि शादीघर के रूप में।सबसे महत्वपूर्ण विषय ये है कि प्रातः स्मरणीय मुंशी काली प्रसाद कुल भास्कर जी का जो वित्त एवम उद्देश्य था कि कायस्थ समाज के लिए उत्तम शिक्षा व्यवस्था के साथ ही समाज की विधवाओं को आर्थिक मदद के साथ ही जो गरीब और शोषित थे उनके बच्चों को पढ़ाई के दौरान छात्र मिल सके इसके लिए में समस्त कायस्थ समाज को जोड़ने का पूरा प्रयास कर रहा हूं ।अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को इन्होंने सिरे से खारिज करते हुवे कहा कि विपक्ष जानबूझकर मेरे कार्यों में रुकावट डालने के उद्देश्य से उल्टे सीधे आरोपों को लगा रहा है जो बेबुनियाद हैं।मेरे साढ़े आठ माह के कार्यकाल में लगभग 500 लोगों को सदस्य भी बनाया जा चुका है इसके साथ ही ट्रस्टियों के लिए चित्रगुप्त धर्मशाला के निर्माण कार्य के लिए एम एल सी डॉक्टर के पी श्रीवास्तव ने 10 लाख रुपए देकर प्रारंभ कराया,कायस्थ पाठशाला को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल सके इसके लिए लखनऊ में शिलान्यास कराया गया,एक बड़े मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के निर्माण के लिए सी एम पी के सामने वाली जमीन को खाली करने का कार्य प्रगति पर है।इन सब के साथ बहुत सारी योजनाएं पर कार्य शुरू करा दिया गया है।इन सब प्रगति को विपक्ष पचा नहीं पा रहा है और अब मेरे ही खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लोगों से हस्ताक्षर करवाया जा रहा है क्योंकि येक्सब नहीं चाहते कि ट्रस्ट आमलोगों का हो क्योंकि ट्रस्ट को ही इन लोगों ने अपनी रोजी रोटी बना रखी थी।इन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुवे कहा कि मुझे आप लोगों का आशीर्वाद चाहिए ताकि मैं सच्चाई के मार्ग पर चलते हुवे समस्त कुचक्रो से मोर्चा ले सकूं और कायस्थ पाठशाला को उत्तम प्रबंध से मुंशी काली प्रसाद सहित सभी दान दाताओं की इक्षा के अनुरूप जन सेवा में अपना शेष जीवन अर्पित कर सकूं।
बेहतरीन सोच ने अपने समाज के लोगों की भलाई के लिए प्रयागराज में एक शैक्षणिक समिति का गठन कर समाज ही नही बल्कि देश के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए जिस ट्रस्ट की स्थापना की थी वो एशिया का कायस्थ समाज का सबसे बड़े ट्रस्ट “कायस्थ पाठ शाला ट्रस्ट” है जो अब शायद हितैषी गुटबाजी का शिकार हो गया है।वहीं 18मतों के अंतर से चुनाव जीत कर डॉक्टर सुशील सिन्हा इस बार ट्रस्ट के अध्यक्ष चुने गए। अध्यक्ष बनने के बाद डॉक्टर सुशील सिन्हा ने समाज के उत्थान को लेकर कुछ बेहतर प्लान बना कर उसे अमल में लाने का कार्य शुरू ही किया था कि विपक्षी खेमा इनकी कार्य शैली को लेकर नाराज हो उठा।बावजूद इसके एकला चलो की तर्ज पर वो बिना किसी की प्रवाह किए अपने कार्य को अंजाम देने में लगे रहे।वहीं अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुवे कायस्थ पाठशाला के पूर्व महामंत्री/वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बुधवार को बकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही।उनका कहना है कि मेरे परिवार ने कायस्थ पाठशाला के विकास को लेकर 13सालो से विकास कार्य को किया है इन्होंने साफ किया कि रूल 51के तहत केपी कम्यूनिटी सेंटर,मेजर रंजीत सिंह स्पोर्ट्स कांप्लेक्स की एक प्रबंध समिति के गठन का प्राविधान है,जिसमे पिछले अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह और वातमान अध्यक्ष डॉक्टर सुशील सिन्हा और महामंत्री संयोजक के रूप में नामित होने चाहिए मगर चुनाव संपन्न हुवे आठ से नौ माह बीत गए ये कार्य नहीं हो पाया।इन्होंने आरोप लगाते हुवे कहा कि यही नहीं नियम 49 के तहत पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री कायस्थ पाठशाला की कार्यकारिणी के न केवल आजीवन सदस्य होंगे बल्कि हर प्रस्ताव के पूर्व उनके अनुभवों के तहत मत देने का अधिकार भी है परंतु किसी भी पूर्व अध्यक्ष को कार्यकारिणी के आयोजन की न तो कोई जानकारी दी जाती है और न ही कोई एजेंडा भेजा जाता है बस मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है ।मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुवे कुमार नारायण ने कहा कि कायस्थ पाठशाला न्यास दो दानवीरों का इतिहास है और दान ही इसका मुख्य आय का साधन है आज इसको समाप्त किए जाने की कोशिश की जा रही है।जिससे लोगो में रोष व्याप्त है।
[11/09, 7:17 PM] Sudhir Sinha: बॉक्स मैटर इसी के साथ लगेगा
वहीं इस विषय को लेकर जब डॉक्टर सुशील सिन्हा से वार्ता की गई तो उन्होंने जानकारी देते हुवे बाताया कि डेढ़ सौ साल पुराने इस ट्रस्ट में आज मात्र 33514लोग ही मेंबर बनाए जा सके हैं।इसका एक मात्र कारण शायद लोगों को साथ नहीं लेकर चला गया ।इसके चलते आज कायस्थ पाठशाला के हितेषी खुद ही गुट बाजी का शिकार हो गए हैं।यहीं नहीं डॉक्टर सिन्हा का साफ कहना है कि मैने कास्यस्थ समाज की भलाई के लिए जो कदम उठाया है उससे पीछे नहीं हटूंगा क्योंकि मैने उनके बीच जाकर उनकी समस्याओं को जाना है और उनके लिए ही बेहतर कार्ययोजनाओ को अमली जामा पहनाया जा रहा है।उन्होंने जानकारी देते हुवे कहा कि एक बड़े अस्पताल के प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है ताकि जो ट्रस्ट के सदस्य हैं उनका उचित रेट यानी 50%के खर्चे पर इलाज सुलभ हो सके यही नहीं एक डायग्नोस्टिक सेंटर भी समाज के लोगों के साथ ही अन्य लोगों की भलाई के लिए बनाया जा रहा है।बच्चों की बेहतरीन शिक्षा के लिए एक नए सी बी एस सी बोर्ड का स्कूल खुलने जा रहा है इनके साथ ही कई अन्य कार्य हैं जिस पर कार्य चल रहा है।बावजूद इसके कुछ लोग सिर्फ राह में रोड़ा अटकाने का कुचक्र रचने में लगे हुवे हैं जिनकी मैं परवाह नही करता।इनका भी साफ कहना है कि जितने भी दिनों तक अपने पद पर रहूंगा पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्य को अंजाम देता रहूंगा।























