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Lucknow : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना से हम जैसे राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है, लेकिन इस मामले के बहाने अयोध्या और राम जन्मभूमि को बदनाम करना उचित नहीं है। इंडिया टुडे समूह के कार्यक्रम पंचायत आज तक को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा), पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अपने पुराने रिकॉर्ड के बावजूद आस्था से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट में सरकारी दखल नहीं, SIT रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की घटना ने निश्चित रूप से हम सभी की, हम जैसे राम भक्तों की आस्था को चोट पहुंचाई है। राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार को इसके मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। ट्रस्ट ने जांच का अनुरोध किया और राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट आई, कार्रवाई शुरू कर दी गई।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का नैतिक आधार पर इस्तीफा
उन्होंने कहा कि चोरी की घटना में कथित रूप से शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनकी सहायता करने के आरोप में 2 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। योगी ने कहा कि गिरफ्तारी के साथ-साथ नैतिक आधार पर दो इस्तीफे भी हुए हैं, जिनमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन इस घटना का इस्तेमाल अयोध्या, राम जन्मभूमि और हिंदुओं की आस्था को बदनाम करने के लिए करना उचित नहीं है।
























