TMC को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, फ्रीज बैंक खाते के मामले में हाई कोर्ट के आदेश में दखल से इनकार

0
3

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय से तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अपने फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट्स के मामले में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस ऑर्डर में दखल देने से इनकार कर दिया है। जिसमें हाई कोर्ट ने TMC को अंतरिम राहत देने से मना किया था। बता दें कि यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से TMC के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से जुड़ा है।

न्यायाधीश एमएम सुंदरेश और न्यायाधीश पीबी वराले की बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले के मौजूदा हालात को देखते हुए संतुलित ऑर्डर दिया है। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों के लिए उसके पास कुछ रकम उपलब्ध है।

कोर्ट का दखल से इंकार-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने से जुड़ा मुख्य मामला पहले से कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है। पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से अकाउंट फ्रीज किए जाने से जुड़ी एक अन्य याचिका भी हाई कोर्ट के सामने है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर मामले के मूल विवाद पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। बेंच ने दोनों मामलों में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

TMC की दलील-सुनवाई के दौरान TMC की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बैंक अकाउंट्स फ्रीज होने से पार्टी के रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने की बात कही है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिस रकम को कथित अपराध से जुड़ी रकम बताया जा रहा है। वह करीब 160 करोड़ रुपये है, जबकि संबंधित बैंक खातों में कुल रकम इससे काफी ज्यादा है। सिब्बल ने कहा कि पूरी रकम फ्रीज होने की वजह से पार्टी अपने कर्मचारियों की सैलरी और दूसरे जरूरी खर्च नहीं कर पा रही है। TMC की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने भी कहा कि पार्टी के अलग-अलग बैंक अकाउंट अलग-अलग कामों के लिए उपयोग होते हैं।

ED की दलील-जांच एजेंसी ED की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि पार्टी को रोजमर्रा के खर्चों के लिए पहले से कुछ सुरक्षा उपलब्ध है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि करीब 120 करोड़ रुपये की रकम उपलब्ध है। ED की ओर से यह भी बताया गया कि पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को भी मामले से जोड़ कर देखा जाना चाहिए। इस मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ED से पूछा था कि क्या फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट्स से सीमित रकम जारी की जा सकती है। अदालत ने यह संभावना इसलिए देखी थी ताकि TMC अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा कर सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here