विश्वनाथ , 30 सितंबर ,असम : केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय , उच्चतर शिक्षा विभाग , विस्तार अनुभाग के व्याख्यानमाला प्राध्यापक योजना के अंतर्गत असम राज्य के प्रमुख शैक्षिक संस्थान विश्वनाथ महाविद्यालय में 23 सितंबर को हिंदी विभाग के विद्यार्थी को सुदूर वैश्य महाविद्यालय , भिवानी , हरियाणा से पधारे प्रोफेसर डॉ. विपिन गुप्ता ने “ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय भाषाओं का स्थान” और “रोजगार के अवसर” पर सारगर्भित व्याख्यान से विद्यार्थी को लाभान्वित किए। व्याख्यान से पूर्व कार्यक्रम का शुभांरभ मुख्य अतिथि तथा व्याख्याता प्रोफेसर विपिन गुप्ता के सरस्वती माँ के समीप दीप प्रज्वलन व दीप मंत्रोच्चारण से हुआ। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय परिचालना समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सूर्य नारायण पांडे , सचिव संतोष कुमार महतो , संस्कृत विद्वान लोकनाथ शास्त्री , सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी मदन गोपाल साहू ,विशिष्ट अतिथि राजीव गांधी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ.राजीव रंजन प्रसाद ,महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग वरिष्ठ अध्यापक नरेश ठाकुर मौजूद थे। महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यापिका गीता विर्मा के संचालन में आयोजित सभा का अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चिंतामणि शर्मा ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. विपिन गुप्ता और विशिष्ट अतिथि डाॅ. राजीव रंजन प्रसाद को असम के जातीय प्रतीक जापी और फुलाम गामोछा से भव्य अभिनंदन किया गया। अध्यापिका वर्मा ने सभा की उद्देश्य व्याख्या की । इसके बाद प्राचार्य डॉ. चिंतामणि शर्मा ने स्वागत भाषण दी। इसके बाद मुख्य अतिथि व वक्ता प्रो. विपिन गुप्ता ने अपनी व्याख्यान की प्रस्तुति दी।इस मौके पर हिंदी दिवस का भी पालन किया गया , जिसमें विशिष्ट अतिथि डाॅ. राजीव रंजन प्रसाद , विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष सूर्य नारायण पांडे ने हिंदी के महत्ता पर प्रकाश डाले। सभा में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। अध्यापिका गीता वर्मा के संचालन में सभी प्रतिभागी विद्यार्थी को पुरस्कृत किया गया । अंत में अध्यापिका गीता वर्मा ने आभार ज्ञापन की ।कार्यक्रम महाविद्यालय के छात्र , अन्य विभाग के अध्यापक- अध्यापिका और विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय परिचालना समिति के सहाय- सहयोग से संपन्न हुई।




















