मॉस्कोः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को अपने देश का यह रुख दोहराया कि वह यूरोपीय देशों पर हमले की योजना नहीं बना रहा है लेकिन अगर हमला हुआ तो इसका जवाब अपने आयुध भंडार में मौजूद सभी हथियारों से देगा।
पुतिन ने विदेश नीति से संबंधित एक मंच पर पश्चिमी देशों और यूरोप पर आने वाले सालों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी के बारे में बात करके, बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास करके और रूसी जहाजों को जब्त करके तनाव पैदा करने का आरोप लगाया। इससे पहले मॉस्को ने नाटो को चेतावनी दी थी यदि इस सैन्य गठबंधन का कोई भी सदस्य बाल्टिक एन्क्लेव को रूस के बाकी हिस्सों से काटने की कोशिश करता है, तो वह कलीनिनग्राद की रक्षा के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने में जरा भी संकोच नहीं करेगा।
यूरोप में कई देशों के रूसी दूतावासों ने इस सप्ताह बयान जारी कर कहा था कि मॉस्को के पास ”सूचना है कि नाटो कलीनिनग्राद क्षेत्र की हवाई और नौसैनिक घेराबंदी की तैयारी कर रहा है।” बृहस्पतिवार को वाल्दाई क्लब फोरम में जब पुतिन से पूछा गया कि क्या रूस नाटो के साथ युद्ध के कगार पर है या दोनों एक-दूसरे को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, यह कोई डराने-धमकाने की कोशिश नहीं है, यह हमें डराने के प्रयास का एक जवाब है।
उन्होंने यह भी कहा, नाटो को पहले दी गई चेतावनी में सबकुछ सही से लिखा था। पुतिन ने ऐसा कुछ नहीं कहा कि ऐसी स्थिति में रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उसके पास ऐसे शस्त्र हैं जो किसी के पास नहीं हैं और हमले की स्थिति में वह विचार करेगा कि किस आयुध का इस्तेमाल करना है।






















