
प्रयागराज ll विश्व आयुर्वेद मिशन एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान में झंडु इमामी समूह के सौजन्य से नवम आयुर्वेद दिवस समारोह का आयोजन होटल मिलन पैलेस, प्रयागराज में 26 दिसम्बर को धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस समारोह में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गंगा नाथ झा परिसर के निदेशक डॉ ललित कुमार त्रिपाठी, सीएमओ प्रयागराज डॉ आशू पाण्डेय, एडीएम माघ मेला डॉ विवेक चतुर्वेदी, आरोग्य भारती काशी प्रांत के उपाध्यक्ष नागेन्द्र जायसवाल, महानगर अध्यक्ष डॉ प्रकाश खेतान, इलाहाबाद नर्सिंग होम एवं प्राइवेट डॉक्टर्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राज किशोर अग्रवाल, पूर्व शोध अधिकारी मेडिकल कॉलेज डॉ शांति चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना के बाद डॉ अवनीश पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया । उसके उपरांत विषय प्रवर्तन करते हुए विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ जी एस तोमर ने बताया कि भगवान धन्वंतरि आरोग्य के देवता के रूप में प्रतिष्ठापित हैं । आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष के नवम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का थीम “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार” निर्धारित किया गया है । कोराना कालखण्ड में मिली अभूतपूर्व लोकप्रियता के दृष्टिगत आयुर्वेद आज भारत की चार दीवारी से निकल कर वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन गया है । यही कारण है कि हमें अपनी विधा को नवाचार के माध्यम से वैश्विक आकांक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुत करना होगा । स्वास्थ्य संरक्षण एवं उन्नयन के साथ साथ जीवनशैली जन्य रोगों, एण्टी माइक्रोवियल रजिस्टेंश, वार्धक्य जन्य रोग, स्री रोगों एवं मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण योगदान है । अत: हमें आहार, जीवनशैली, उद्यमिता, स्कूल स्वास्थ्य, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए नवाचार स्थापित करने होगें । जिससे आयुर्वेद आज वैश्विक आकांक्षाओं पर खरा उतर सके । डॉ ललित कुमार त्रिपाठी ने समुद्र मंथन से अमृतघट एवं औषधि लिए प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि को विष्णु अवतार बताया । उन्होंने कहा कि वेदों से उद्भूत आयुर्वेद एक शाश्वत एवं प्राचीनतम विधा है इससे न केवल स्वास्थ्य संरक्षण होता है अपितु जीर्ण एवं असाध्य रोगों के लिए यह संजीवनी है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशू पाण्डेय ने धन्वंतरि को स्वास्थ्य का देवता बताया तथा आयुर्वेद को अनेक गम्भीर रोगों में प्रभावी एवं निरापद बताया । एडीएम माघ मेला विवेक चतुर्वेदी ने आयुर्वेद की उपादेयता के दृष्टिगत आगामी महाकुंभ में उसकी महती भूमिका को रेखांकित किया । उन्होंने आयुर्वेद में नवाचार की आवश्यकता एवं साक्ष्य आधारित व्यवस्था को आवश्यक बताया । डॉ राज किशोर अग्रवाल ने कहा कि सभी विधाओं की अपनी अपनी विशेषताएँ एवं मर्यादाएँ होती हैं । अत: हमें सभी विधा के चिकित्सकों का परस्पर सम्मान करना चाहिए । आरोग्य भारती के काशी प्रांत उपाध्यक्ष नागेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सन 2002 में धन्वंतरि जयन्ती के दिन ही कोची में आरोग्य भारती की स्थापना हुई तब से अब तक अपने विविध प्रकल्पों द्वारा यह काश्मीर से कन्याकुमारी तक स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में निरन्तर कार्यरत है । डॉ शांति चतुर्वेदी ने महिला स्वास्थ्य एवं गर्भ संस्कार के क्षेत्र में आरोग्य भारती के प्रयासों की सराहना की । आरोग्य भारती काशी प्रांत के संगठन सचिव डॉ अजय मिश्रा ने आरोग्य भारती के विविध प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दी । कार्यक्रम में डॉ वी एन त्रिपाठी एवं क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ प्रकाश खेतान, डॉ आर के सिंह, डॉ आशीष त्रिपाठी, डॉ भरत नायक, डॉ एम डी दुबे, डॉ विष्णु बली मिश्रा, डॉ अनीता सिंह, डॉ राजेंद्र श्रीवास्तव, डॉ आशीष मौर्य, अनिल मारवाह, राजेन्द्र सिंह, अनुराग अष्ठाना सहित प्रयागराज एवं प्रतापगढ़ के लगभग 70 चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया । अंत में झंडु के डीजीएम मनीष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया । इस अवसर पर झंडु के अखिलेश मिश्रा एवं मनीष त्रिपाठी ने सहयोग प्रदान किया ।
























