‘लोकपर्व’ में भक्ति संगीत, नृत्य और भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परम्परा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का आकर्षण

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‘लोकपर्व’ में भक्ति संगीत, लोक-जनजातीय नृत्यों की मनभावन प्रस्तुतियाँ, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परम्परा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनी

प्रयागराज| भक्ति संगीत की रसपूर्ण धारा, लोक व जनजातीय नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ और भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परम्परा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं दर्शकों को भरपूर आनंदित किया।

मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा सेक्टर 7 स्थित मध्यप्रदेश मंडपम में आयोजित ‘लोकपर्व’ का प्रमुख आकर्षण भारतीय वैज्ञानिक ऋषियों के वैश्विक योगदान को समर्पित चित्र प्रदर्शनी भारतीय ऋषि वैज्ञानिक थी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह दिखाया गया कि आदि-अंत रहित ज्ञान की धारा ने विश्व को क्या योगदान दिया। चित्रों के माध्यम से हजारों साल पहले प्रकृति के रहस्यों को उजागर करने के साथ-साथ ऋषियों द्वारा किए गए वैज्ञानिक आविष्कारों और उनकी युक्तियों को प्रदर्शित किया गया।

प्रदर्शनी में प्रयाग के महर्षि भारद्वाज द्वारा लिखित यंत्र सर्वस्व की विमान पद्धति, महर्षि कणाद का परमाणुवाद, भास्कराचार्य का खगोल विज्ञान, सुश्रुत ऋषि का शल्य चिकित्सा विज्ञान, और वैदिक ऋषियों के योगदान को दर्शाया गया। इन योगदानों में आयुर्वेद, भौतिक गणित, रसायन, वनस्पति, जीव व भूगर्भ विज्ञान भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश शासन के महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ स्वराज संचनालय द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही है।

‘लोकपर्व’ की सांस्कृतिक संध्या के दौरान नवरात्र के अवसर पर बुंदेलखंड अंचल में होने वाले पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियाँ भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती रही। ‘पवित्र पूछत-पूछत माई हो माई सुवा हो आगई-आगई रे माई, नवदुर्गा आ गई रें’ की धुन पर मनभावन नौरता नृत्य, डिण्डौरी के धूलिया जनजाति का ‘तैनाक ना मारे शा’, और ‘बारछा बारी मा गोंदा फूल’ की बोल पर सैला नृत्य की प्रस्तुतियाँ हुयीं। इसके साथ ही भक्ति संगीत पर आधारित कीर्ति दुबे का दादरा ताल में ‘सिया संग झूले पालना में रामलला’, कहरवा ताल में ‘सांवरिया सांवरा मोरे गुइयां’ और नर्मदापुरम की ममता मिश्रा का बुंदेली भक्ति संगीत ने उपस्थित जनसमूह को मध्यप्रदेश की आंचलिक आध्यात्मिक भक्ति संगीत से परिचित कराया।

कार्यक्रमों का संचालन संजय मिश्रा ने किया।