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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर सुशासन, समाधान और संवेदनशीलता आधारित कार्य संस्कृति की पहचान बनकर उभरे हैं। प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित कुल 18 हजार 953 शिविरों ने सरकार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के संकल्प को साकार किया है। मुख्यमंत्री के प्रयासों एवं प्रभावी मॉनिटरिंग से इन शिविरों का शहरों से लेकर गांवों में व्यापक असर दिखाई दिया तथा लाखों लोगों को राहत मिली है।
1.90 लाख से अधिक नामांतरण, 17 हजार से अधिक रास्ते खुले
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित 10 हजार 564 सेवा शिविरों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के साथ-साथ वर्षों से लंबित प्रकरणों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। इन शिविरों में 1 लाख 90 हजार 962 नामांतरण, 46 हजार 885 पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 26 हजार 711 आपसी सहमति से विभाजन तथा 17 हजार 696 रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी तरह 2.19 लाख राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, 3.37 लाख से अधिक जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इन शिविरों में 2.12 लाख से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण तथा 1.02 लाख से अधिक पट्टों का वितरण किया गया।
24 लाख से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
इन ग्रामीण सेवा शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज हुई है। इनके अंतर्गत 24.84 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार, 11.08 लाख नागरिकों की टीबी स्क्रीनिंग तथा 4.65 लाख महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना अंतर्गत 3.11 लाख से अधिक एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 47 हजार से अधिक पॉलिसी वितरण किया गया। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनधन योजना एवं जनआधार से जुड़े हजारों मामलों का भी निस्तारण किया गया।
42 हजार 252 पट्टे जारी, 13 हजार 242 नाम हस्तांतरण
इसी तरह राज्यभर के शहरी क्षेत्रों में 8 हजार 389 सेवा शिविर लगाए गए, जिसके माध्यम से विभिन्न सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। इन शिविरों में 42 हजार 252 पट्टे जारी, 13 हजार 242 नाम हस्तांतरण तथा 7 हजार 186 भवन मानचित्र प्रकरणों का निस्तारण किया गया। वहीं, 1 लाख 897 जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, 18 हजार 590 पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार 442 विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा शहरों को सुंदर एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में इन शिविरों में 67 हजार 646 स्ट्रीट लाइटों का सुधार, 22 हजार 104 नई स्ट्रीट लाइट, 27 हजार 509 कचरा संभावित केंद्रों का उन्मूलन किया गया। शिविरों में पालनहार योजना में 12 हजार 540 सत्यापन किए गए हैं।
राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो तथा कोई भी पात्र इससे वंचित नहीं रहे। इसी सोच के अनुरूप सेवा शिविरों की पहल अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में सार्थक साबित हो रही है।
























