देवियों के अद्भुत स्वरूपों के गुणगान से सजा दरबार

विश्वनाथ, असम , l शारदीय दुर्गोत्सव के आनंद में राज्यवासी के साथ बारिश के बूंदाबदी के बीच बिश्वनाथ चारिआलि भी पीछे नहीं हैं ।इस बार बिश्वनाथ में प्रायः सौ पूजा समितियां दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है।विश्वनाथ में प्रायः पूजा समितियों द्वारा जातीय स्वरूप के आकर्षण के साज – सज्जा के साथ का पंडालों को सजाया गया ,जो आकर्षण का केंद्र बिंदु बना है।श्रद्धालु पंडालों व देवालयों में पहुँचकर मॉं भगवती के समक्ष अपनी मनोकामना की आराधना करते हैं, पंडालों में विराजमान मातारानी मूर्तियां के दर्शन से आनंदमय वातावरण बना हुआ है। इस समय पूरा क्षेत्र भक्तिमय डूब गया है। इधर आज महासप्तमी में विश्वनाथ चारिआलि शहर के सार्वजनिक धर्मशाला प्रागंण में उदीयमान सार्वजनिक श्री श्री दुर्गोत्सव पूजा समिति के पूजा पंडाल में अपराह्न 2 बजे रौनियार एकता महिला संगठन के सौजन्य में तथा गायत्री महिला मंडल सहयोग में माँ भगवती के नाम “भजन – कीर्तन समारोह” रखा गया। कौशल्या गुप्ता, निर्मला जयसवाल आदि के संचालन में समधुर माँ की गीत प्रस्तुति दी। इसके बाद मातारानी को विविध ऋतु फल व प्रसाद से भोग अर्पित किया।इसके बाद मातारानी की भव्य आरती किया गया। महाप्रसाद का वितरण किया गया। माता रानी के भव्य कार्यक्रम के मौके पर महिला समिति के अध्यक्षा सुनैना रौनियार , उपाध्यक्ष ऊषा रौनियार सचिव सुनीता रौनियार, सह सचिव क्रमशः ममता रौनियार , बीना रौनियार ,कोषाध्यक्ष क्रमशः रानी रौनियार व पुनम रौनियार, कार्यकारिणी सदस्य सरस्वती रौनियार, मुन्नी रौनियार , , प्रमीला रौनियार, पुनम रौनियार, मंजु रौनियार ,विश्वनाथ महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यापिका गीता वर्मा, महिला श्रद्धालु और सुदूर अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर के राजीव गाँधी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ० राजीव रंजन प्रसाद और सहपरिवार मौजूद थे। इस भव्य कार्यक्रम में उदीयमान सार्वजनिक श्री श्री दुर्गोत्सव पूजा समिति के विशेष सहयोग रहा।जिसके दर्शन के लिए दूर – दूर से जनमानस आ रहे हैं।
























