गुरुकुल मे होता है आर्यवृत देश संस्कृति का अनुभव-निर्वाल

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 मोरना : lतीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय में नवीन प्रविष्ट ब्रह्मचारियों का यज्ञोपवीत वेदारंभ संस्कार वेद मंत्रों के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ। जिसमें ब्रह्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों व संतों से भिक्षा का दान भी लिया। इसके बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।

 प्रधानाचार्य राणा शास्त्री ने वेद मंत्रों से उपनयन संस्कार कराया।

            मुख्य यजमान उद्योगपति मनीष कपूर व पत्नी मोनिका कपूर, अजय कपूर, लावण्य पुरी रहे। यज्ञ की ब्रहमा आचार्या मुकेश कुमारी रही। समारोह में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि गुरुकुल मे आकर आर्यवृत देश मे रहने का अनुभव होता है।हवन यज्ञ की सुगंध मानसिक, सामाजिक, भौगोलिक प्रदूषण को दूर करती है।गुरुकुल वेद शिक्षा,संस्कृति व संस्कार के केन्द्र हैं।संस्थापक स्वामी आनंदवेश महाराज ने कहा कि गुरुकुल में सनातन  साधनाएं की जाती है। विश्व मे केवल वैदिक संस्कृति ही शेष बचेगी।प्राचीन काल से ही शिक्षा ग्रहण करने के लिए नवीन ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार किया जाता है। सोलह संस्कारों में उपनयन संस्कार सबसे महत्व पूर्ण संस्कार है। उन्होंने नवीन ब्रह्मचारियों को फल, वस्त्र व दीक्षा देकर आर्शीवाद दिया। समारोह को महामंडलेश्वर गोपाल दास महाराज, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के रामकुमार शर्मा, किसान मोर्चा के चौधरी ब्रजवीर सिंह, यूथ लीडर, पुनीत खोकर, महकार सिंह, केपी सिंह ने भी संबोधित किया। इससे पहले कार्यक्रम में सोमवीर सिंह, तुषार वर्मा, विवेक शास्त्री, अर्जुन शास्त्री,   सोनी आर्या, तेजपाल, देवेंद्र आर्य, संजय कोरी मौजूद रहे। भजनोपदेश राजवीर आर्य ने भजन प्रस्तुत किए।