इस अंक मे

  1. इस बार डॉक्टर साधना शुक्ला उमेश श्रीवास्तव
  2. हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा डॉ. साधना शुक्ला
  3. डॉ. साधना शुक्ला की कविताएं डॉ. साधना शुक्ला

बचपन से ही मेरे परिवार में लिखने पढ़ने का शौक रहा है परिवार के विद्वान हमारे बाबा जी अर्थात हमारे पितामह स्वर्गीय श्री परमसुख तिवारी जी, हमारे ताऊ जी श्री उमाशंकर तिवारी जी, बड़े विद्वान और साहित्यकार रहे!
पितामह संस्कृत अंग्रेजी और हिंदी पर अपना पूर्ण अधिकार रखते थे! सन १९०३ में जन्मे हमारे पितामह उसे जमाने के… -डॉ साधना शुक्ला

भोपाल की डॉक्टर साधना शुक्ला को जुलाई माह का सावित्री देवी स्मृति साहित्य सम्मान देते हुए संस्था प्रसन्न है। संस्था आपके सुंदर भविष्य की कामना करता है । अंक कैसा लगा प्रतिक्रिया जरूर दीजिए ।
अंत में
लिखने से सब बात बनेगी ,
लिख डालो सारी बातें ।
जो अनुभव किया आपने ,
लिख डालो सारी सांसे ।


उमेश श्रीवास्तव