संपादकीय
आस्था पथ पर चलते-चलते ,
जीवन के इस सोपान पर ।
खिली, मिली सी रहती हैं ,
जीवन के इस अविराम पर ।
कहा बहुत कुछ कविता में ,
सरसाये मन जन की बातें ।।
झेले हैं जीवन में उन ने
बहुत-बहुत सुंदर सी घातें।
तो बात हो रही है जबलपुर की अनीता दुबे की। कहानी, लघुकथा, संस्मरण हर क्षेत्र में कलम चलाने वाली कवयित्री अनीता दुबे का पूरा जीवन अभी तक कविता और कविता करते बीता । जीवन के इस पथ की अनेक बातों को अपनी कविताओं और गद्य-पद्य लेखन में रखने वाली कवयित्री अनीता दुबे की लेखनी आस्था और विश्वास से लबरेज़ है । अपनी बातों को बड़ी सादगी के साथ रखने वाली कवयित्री अनीता दुबे की लेखनी बेजोड़ है। उनकी कविताओं में सहजता सरसता मिलती है । कविता में अपनी बातों को बड़े सलीके से वह रखती हैं ।
बानगी देखिए
पहली बानगी
आस्था के सोपान पर धीरे-धीरे कदम बढ़ाती,
उपलब्धियों के पंख पर उड़ रही है नारी!
अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर मंडराती आकाश परी,
सागर की गहराइयों को छूती जलपरी!
मौसम की तरह रूप बदलती,
कभी हंसती कभी विलखती!
दूसरी बानगी
जीवन की किताब ये
कांटे और फूल दोनों ही,
इस पथ में मिल जाया करते।
कांटो में आनंद किसी को,
कुछ ऐसे फूलों से डरते।तीसरी बानगी
वृंदावन में छाई धूम, बजते मुरली तान।
राधा संग श्याम रचें, प्रेमिल रंग महान।।
गोप-गोपिनी झूमते, गलियों में हरसात।
रंग-गुलाल उड़ाते, गूंजे जय-जय गात।।
कवयित्री अनीता दुबे को अक्टूबर माह का सावित्री देवी स्मृति साहित्य सम्मान देते हुए संस्था प्रसन्न है संस्था आपके सुंदर भविष्य की कामना करता है अंक कैसा लगा प्रतिक्रिया जरुर दें
अंत में ,
पथ जीवन का सुलभ रहे ,
यही कामना मेरी है ।
रचना के इस जगत वृत्त में ,
कलम सदा चलती जाए ।
उमेश श्रीवास्तव


विषय-सूची
- इस बार — अनीता दुबे
लेखक: उमेश श्रीवास्तव
पृष्ठ 1 - परिचय
लेखक: अनीता दुबे
पृष्ठ 2 - संस्मरण
लेखक: अनीता दुबे
पृष्ठ 3 - अनीता दुबे की कविताएँ
लेखक: अनीता दुबे
पृष्ठ 4 - भाव पल्लवन
लेखक: अनीता दुबे
पृष्ठ 18 - अनीता दुबे की 9 लघुकथाएँ
लेखक: अनीता दुबे
पृष्ठ 19 - अनीता दुबे की 3 कहानियाँ
लेखक: अनीता दुबे
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