Lucknow: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा तेजी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी के खिलाफ राज्यव्यापी पोस्टर वार छेड़ते हुए विपक्ष ने अखिलेश यादव की घेराबंदी तेज कर दी है। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत सूबे के तमाम बड़े शहरों में सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिनमें अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबलियों की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर तक लगाए गए इन पोस्टरों पर सीधे तौर पर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्टरों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार और अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश।राजधानी के प्रमुख चौराहों पर लगे पोस्टरों में क्षेत्रवार (अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और वेस्ट यूपी) माफियाओं की बाकायदा एक सूची जारी की गई है। सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP) तर्ज पर तंज कसते हुए पोस्टरों पर लिखा गया है कि वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया। इनमें यह भी लिखा गया है कि अतीक अहमद लैंड क्रूजर में बैठकर अपहरण के धंधे को अंजाम देता था।बताया जा रहा है कि चुनाव से ठीक पहले प्रदेश भर में एक साथ लगे इन पोस्टरों ने यूपी का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा दिया है। सपा खेमे में इस पोस्टर वार को लेकर खलबली मची हुई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि चुनाव में कानून-व्यवस्था और माफिया का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में रहने वाला है।




















