Lucknow : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 151 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया लेकिन अब तक इन मामलों में केवल 14 गिरफ्तारियां ही हुई हैं। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ जानबूझकर की गई क्योंकि भाजपा संविधान बदलना चाहती थी लेकिन ऐसा कर नहीं सकी। भाजपा ने इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यादव ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा कि भाजपा राज में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। भाजपा सरकार के तहत 72 जिलों में 151 से ज्यादा मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया या तोड़ा-फोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर किया गया क्योंकि वे संविधान बदलना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। इसीलिए जब भी भाजपा और उसकी विचारधारा वाले लोग हमला करते हैं, तो वे सबसे पहले संविधान की प्रति को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, हम 151 मामलों का रिकॉर्ड जुटा पाए हैं। अगर हम औसत निकालें, तो इस सरकार के शासनकाल में हर साल 15 से ज्यादा मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गई हैं। हो सकता है कि कुछ मामले ऐसे भी हों जिनका रिकॉर्ड न हो और जिनकी गिनती न की गई हो।
यादव ने सरकारी आंकड़ों को आधार बताते हुए दावा किया कि आंबेडकर प्रतिमाओं को खंडित किए जाने के केवल 14 मामलों में ही गिरफ्तारियां हुई हैं और 45 मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, 8 मामलों में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई और 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार न तो आंबेडकर का सम्मान करती है न ही उनकी मूर्तियों का और न ही उनके लोगों का। बाद में, सपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जिलेवार ब्योरा पोस्ट किया और कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में आंबेडकर की 46 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था जबकि दूसरे कार्यकाल में 105 मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया।




















